हरियाणा सरकार डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचा और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की योजना तैयार की गई।
हरियाणा सरकार, आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के पूर्ण अनुपालन में, राज्य में समर्पित हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचएसडीआरएफ) की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस दिशा में प्रगति की समीक्षा और विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए आज राजस्व वित्तीय आयुक्त और गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों ने वर्तमान आपदा प्रतिक्रिया ढांचे की विस्तृत समीक्षा की और एचएसडीआरएफ की स्थापना के लिए रणनीतिक कदम तय किए। बैठक में विशेष रूप से मानव संसाधन तैनाती, बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षण प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक का उद्देश्य एक ऐसा बल तैयार करना था जो प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के समय तेजी से और कुशलतापूर्वक कार्य कर सके।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सरकार ने अग्निवीरों सहित अधिकतम संख्या में जवानों की तैनाती के साथ नई एसडीआरएफ बटालियन बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, राज्य के सभी डिवीजनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी संवेदनशील स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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29 मार्च 2025 को अधिसूचित आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया बलों के गठन का अधिकार देता है। हरियाणा सरकार ने इसके तहत अंतर-विभागीय समन्वय शुरू कर दिया है और पुलिस एवं गृह विभागों को बल की तैनाती के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत एचएसडीआरएफ का गठन, प्रशिक्षण और परिचालन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
हरियाणा में पहले से ही आईआरबी भोंडसी की प्रथम बटालियन में 594 प्रशिक्षित कर्मी हैं, जो ढही इमारतों से बचाव, बाढ़ राहत और CBRN आपदाओं में सक्षम हैं। एनडीआरएफ द्वारा उपलब्ध उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इन कर्मियों की दक्षता लगातार बढ़ती रहती है।
बैठक में भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसडीआरएफ के मानक, जैसे विशेष पद, बुनियादी ढांचा, उपकरण, वर्दी और वरिष्ठ नेतृत्व की समीक्षा भी की गई। गृह विभाग ने 1,149 पदों वाली पूर्ण बटालियन को मंजूरी दी, जिससे हरियाणा आपदा प्रबंधन में पूर्ण रूप से तैयार होगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी विभागों को समय-सीमा, संसाधन आवश्यकताएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना के साथ विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इस पहल से हरियाणा सरकार की सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक कल्याण में प्रतिबद्धता और मजबूत होगी, और राज्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनेगा।