मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को चेतावनी दी – जनहित से नहीं होना चाहिए भटकाव

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को चेतावनी दी – जनहित से नहीं होना चाहिए भटकाव

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने VB-G RAM G योजना का बचाव किया, मजदूरों को मिलेगा काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका। विपक्ष द्वारा फैलाए भ्रम पर सख्त चेतावनी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में चल रहे VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) योजना के बारे में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना सिर्फ रोजगार देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि किसानों और मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने, समय पर मजदूरी देने, काम के साथ सम्मान और सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

काम के साथ सम्मान और समय पर मजदूरी की गारंटी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि VB-G RAM G योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर मजदूर के प्रति गारंटी है। इस योजना का मकसद केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि काम के साथ मान-सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित जीवन यापन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण भारत में कल्याण और रोजगार की मजबूत नींव रखती है और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।

MGNREGA की पुरानी कमियों का समाधान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पुराने MGNREGA कार्यक्रम में भ्रष्टाचार, नकली मजदूर कार्ड, मैन्युअल काम में देरी और मजदूरी भुगतान में विलंब जैसी समस्याएँ सामने आती थीं। इन कमियों को ध्यान में रखते हुए VB-G RAM G कानून लागू किया गया है, जो ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को आधुनिक बनाता है और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।

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रोजगार अवधि और मजदूरी में सुधार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि नए नियमों के तहत प्रत्येक मजदूर को 125 दिनों का कानूनी रोजगार मिलेगा (पहले 100 दिन)। साथ ही, खेती के बीजाई और कटाई जैसे मौसमों के दौरान काम को रोकने की सुविधा दी गई है, जिससे मजदूरों को कुल मिलाकर अधिक लाभ मिलेगा।

राजनीतिक भ्रम और विपक्ष की आलोचना पर जवाब

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस और कुछ अन्य दल इस योजना के बारे में भ्रम फैलाकर मजदूरों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में MGNREGA योजनाओं में भ्रष्टाचार और गलत इस्तेमाल आम था, जबकि वर्तमान सरकार ने श्रमिकों के हित में पारदर्शिता और भरोसेमंद रोजगार सुनिश्चित किया है।

श्रमिकों के अनुभव और अपेक्षित लाभ

कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों ने बताया कि उन्हें साप्ताहिक मजदूरी, रोजगार के अधिक अवसर और बायोमेट्रिक सत्यापन तथा जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ने का फायदा मिलेगा। इससे केवल असली मजदूरों को लाभ मिलेगा और गलत प्रथाओं पर रोक लगेगी।

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