Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना ₹1850 तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी में भी भारी कमी आई। जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के ताजा रेट।
Gold-Silver Price Today: सर्राफा बाजार में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। घरेलू और वैश्विक बाजारों में आई कमजोरी के चलते दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़ों और डॉलर में मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली बढ़ी, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
सोने की कीमतों में बड़ी नरमी
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम करीब 1600 से 1850 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। कीमतों में आई इस कमी के बाद निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए खरीदारी का अवसर पैदा हुआ है।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,55,870 | ₹1,42,890 |
| मुंबई | ₹1,55,720 | ₹1,42,740 |
| कोलकाता | ₹1,55,720 | ₹1,42,740 |
| चेन्नई | ₹1,57,950 | ₹1,44,290 |
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार बंद होने से पहले चांदी के दाम प्रति किलोग्राम 4000 से 5800 रुपये तक नीचे आ गए। फिलहाल देश के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतें 2.74 लाख रुपये से 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई हैं।
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प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
दिल्ली: ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम
मुंबई: ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम
कोलकाता: ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम
चेन्नई: ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम
आखिर क्यों गिरे सोने और चांदी के दाम?
1. अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर
अमेरिका में उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ा है। इससे यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दबाजी नहीं करेगा।
2. डॉलर में मजबूती
डॉलर इंडेक्स में तेजी आने से सोने और चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बढ़ा। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर कीमती धातुओं की मांग कमजोर पड़ती है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
3. वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से सोना और चांदी दोनों में बिकवाली बढ़ी। इसका सीधा असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिला।
4. भू-राजनीतिक तनाव में कमी
मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव कम होने और संघर्ष विराम की संभावनाओं ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब वैश्विक जोखिम घटता है, तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर सोने-चांदी की दिशा निर्भर करेगी। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।