नरेला की शराब दुकान में मिलावट पकड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने सभी नगर निगमों को सख्त निर्देश दिए। शराब दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और ग्राहकों की शिकायतों का तुरंत समाधान होगा।
नरेला की शराब दुकान में मिलावट पकड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने शराब दुकानों के संचालन को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। राजधानी के सभी चार नगर निगमों को परामर्श जारी कर ग्राहकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का यह कदम नरेला में सामने आए शराब मिलावट कांड के बाद उठाया गया है।
नरेला शराब दुकान में फर्जीवाड़ा
दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) की नरेला स्थित शराब दुकान में कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोप है कि महंगी ब्रांड की खाली बोतलों में सस्ती शराब और पानी मिलाकर बेचा जा रहा था। इस मामले के सामने आने के बाद राजधानी में शराब खरीदने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई कि कहीं उन्हें नकली या मिलावटी शराब तो नहीं मिल रही।
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दिल्ली सरकार ने याद दिलाए कड़े कानून
सरकार ने परामर्श में स्पष्ट किया कि दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 और दिल्ली आबकारी नियम 2010 के तहत शराब में मिलावट करना या हानिकारक पदार्थ मिलाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा और कार्रवाई का प्रावधान है।
सरकार ने कहा कि बढ़ते मामलों को रोकने के लिए शराब दुकानों की नियमित जांच जरूरी है। सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि:
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दुकानों में मिलावट या घटिया क्वालिटी की शराब ना हो।
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ग्राहकों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए।
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स्टाफ और संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
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किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट किया जाए।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
दिल्ली सरकार ने साफ कहा है कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। शराब दुकानों पर मिलावट या धोखाधड़ी न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा है।
सरकार ने सभी एजेंसियों को चेतावनी दी है कि शराब दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।