Friday, July 24, 2026

1984 सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के परिवारों को नौकरी का रास्ता आसान, दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

by Neha
1984 सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के परिवारों को नौकरी का रास्ता आसान, दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के आश्रितों को नौकरी देने की नई नीति को मंजूरी दी। आयु व शैक्षिक योग्यता में छूट के साथ पारदर्शी प्रक्रिया लागू।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार (13 नवंबर) को घोषणा की कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने 1984 सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी देने की नई नीति को मंजूरी दे दी है। यह कदम रोजगार सहायता के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नई नीति की प्रमुख विशेषताएं

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई नीति के अंतर्गत:

  • 50 वर्ष से अधिक आयु के आश्रित, जो नौकरी के लिए पात्र नहीं हैं, अपने बेटे, बेटी, बहू या दामाद को नौकरी के लिए नामित कर सकते हैं।

  • नीति में आयु और शैक्षिक योग्यता में छूट दी गई है, ताकि कोई भी वास्तविक दावेदार वंचित न रहे।

  • नीति के सभी प्रावधान दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और कानूनी ढांचे के अनुरूप होंगे।

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पिछले 18 वर्षों का लंबित मामला होगा समाप्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई नीति रोजगार सहायता के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का ठोस कदम है।
2007 के कैबिनेट निर्णय के बाद से यह प्रक्रिया विभिन्न प्रशासनिक कारणों से पूरी नहीं हो पाई थी। अब सरकार ने स्पष्ट, संरचित और समयबद्ध नीति पेश कर इस लंबित प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित

नई नीति में नियुक्तियों की प्रक्रिया को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए सत्यापन, शिकायत निवारण और विभागीय आवंटन के लिए पारदर्शी तंत्र स्थापित किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रोजगार सहायता सही लोगों तक पहुंचे और किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के परिवारों के लिए यह नीति न केवल रोजगार का अवसर है, बल्कि न्याय और सामाजिक समानता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राज्य सरकार का यह फैसला लंबे समय से वंचित रहे पीड़ित परिवारों को राहत देगा और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा।

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