उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि आज हम भारत माता के वीर सपूत और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप की जयंती मना रहे हैं। देश भर में उन्हें उनकी वीरता और देशभक्ति के लिए सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनका जीवन आज भी लोगों को देश और धर्म के लिए बलिदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिन्द सिंह जैसे महापुरुषों का स्मरण देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को भी दिशा देगी।
CM Yogi Adityanath लखनऊ स्थित महाराणा प्रताप चौराहे के सौंदर्यीकरण कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराणा प्रताप स्थल का नवीनीकरण, छत्र निर्माण तथा एक नया स्मृति द्वार भी लोकार्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को राजस्थान में हुआ था। केवल 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने अकबर के विरुद्ध हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा, जिसमें उन्होंने समाज के हर वर्ग, विशेषकर भील, मीणा और वनवासी समुदाय को जोड़कर मुगलों को करारी टक्कर दी। उन्होंने अपने बलिदान से भारत की शान और स्वाभिमान की रक्षा की।
CM Yogi Adityanath ने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप को वर्षों तक जंगलों में रहकर कठिन जीवन जीना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी सैन्य शक्ति और सामाजिक संगठन को इतना सुदृढ़ किया कि अकबर की विशाल सेना भी उनके सामने टिक नहीं सकी। देश उन्हें ‘हिन्दू सूर्य’ के रूप में जानता है।
CM Yogi Adityanath ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 22 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हमला किया था, जिसकी पूरे देश ने कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाएं मुंहतोड़ जवाब दे रही हैं। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ चुका है।
उन्होंने पाकिस्तान की नीतियों को उजागर करते हुए कहा कि आतंकवादियों के जनाजे में पाकिस्तानी अफसरों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान न केवल आतंकवाद को प्रश्रय देता है, बल्कि उसमें शामिल भी है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से सेना का मनोबल बनाए रखने, अफवाहों से सावधान रहने और देश की सुरक्षा में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हर हाल में विजयी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधायक राकेश प्रताप सिंह और एमएलसी मानवेन्द्र सिंह का इस चौराहे के विकास में योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा की स्थापना का प्रस्ताव उन्होंने स्वयं बाबूजी कल्याण सिंह को दिया था और लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज के लिए प्रतिमाएं मंगवाई गई थीं।
अब यह चौराहा “महाराणा प्रताप चौराहा” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पूरा प्रदेश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेना के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राज्यसभा सांसद ब्रजलाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।