बच्चों की हड्डियों में दर्द के कारण: क्या आपके बच्चे की हड्डियों में अक्सर दर्द रहता है? इसे मामूली न समझें, यह कैल्शियम की कमी के लक्षण हो सकते हैं। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के असरदार उपाय।
बच्चों की हड्डियों में दर्द के कारण: बहुत से बच्चों को अक्सर हड्डियों में दर्द की शिकायत होती है, जिसे आमतौर पर “ग्रोथ पेन” समझ लिया जाता है। लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है। कई बार यह समस्या शरीर में कैल्शियम की कमी का संकेत भी हो सकती है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी मिनरल है, और बचपन में शरीर के तेज़ी से बढ़ने के कारण इसकी पर्याप्त मात्रा लेना आवश्यक है।
बच्चों की हड्डियों में दर्द के कारण
यदि बच्चे की डाइट में दूध, दही, पनीर या अन्य कैल्शियम युक्त आहार कम हो, तो कैल्शियम की कमी हो सकती है। इसके अलावा, विटामिन डी की कमी, धूप में कम समय बिताना, जंक फूड का अधिक सेवन और असंतुलित भोजन भी हड्डियों की कमजोरी का कारण बन सकते हैं। कुछ बच्चों में पाचन संबंधी समस्याओं की वजह से कैल्शियम सही तरह से अवशोषित नहीं हो पाता।
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कैल्शियम की कमी के लक्षण
दिल्ली एम्स के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, बच्चों में कैल्शियम की कमी के ये प्रमुख लक्षण हो सकते हैं:
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पैरों, घुटनों और टखनों में हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द
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मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव
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जल्दी थकना और कमजोरी महसूस होना
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दांत कमजोर या देर से उभरना
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नाखून पतले और आसानी से टूटना
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गंभीर मामलों में हल्की चोट में भी हड्डियों का फ्रैक्चर
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छोटे बच्चों में चिड़चिड़ापन, सुस्ती और खेलकूद में कमी
कैल्शियम की कमी से होने वाली समस्याएं
लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहने पर हड्डियां कमजोर और मुलायम हो सकती हैं। बच्चों में रिकेट्स जैसी समस्या विकसित हो सकती है, जिससे हड्डियों का आकार प्रभावित होता है। समय पर इलाज न होने पर शारीरिक विकास धीमा पड़ सकता है और दांतों की मजबूती घट सकती है। भविष्य में हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
बच्चों में कैल्शियम की कमी से बचाव
कैल्शियम की कमी को रोकने के लिए ये उपाय अपनाएं:
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रोजाना दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां दें
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बादाम और तिल जैसे कैल्शियम युक्त नट्स शामिल करें
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बच्चों को रोज़ाना कम से कम 20–30 मिनट धूप में खेलने दें, ताकि विटामिन डी मिले
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जंक फूड की जगह संतुलित और पोषणयुक्त आहार दें
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जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें