चैत्र नवरात्रि 2026: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या, पंचक और खरमास का संयोग, जानें क्या करें और क्या न करें

चैत्र नवरात्रि 2026: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या, पंचक और खरमास का संयोग, जानें क्या करें और क्या न करें

चैत्र नवरात्रि 2026: पहले दिन अमावस्या पंचक और खरमास का संयोग, जानें घटस्थापना और पूजा में किन बातों का ध्यान रखें और क्या करना वर्जित है।

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इस बार पहले दिन तीन अशुभ योग – अमावस्या, पंचक और खरमास एक साथ बन रहे हैं। इसलिए घटस्थापना और पूजा करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है। आइए जानते हैं इस दिन कौन से कार्य शुभ हैं और किनसे बचना चाहिए।

चैत्र नवरात्रि में 3 अशुभ योग

खरमास – 15 मार्च से 13 अप्रैल तक रहेगा। इस अवधि में मांगलिक कार्य जैसे गृह प्रवेश, नई गाड़ी खरीदना या शादी आदि वर्जित हैं।

अमावस्या – 19 मार्च को सूर्योदय से लेकर सुबह 6:52 तक अमावस्या का प्रभाव रहेगा। अमावस्या पितरों को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन शुभ कार्य या मांगलिक काम से बचें।

पंचक – पंचक 16 मार्च से 21 मार्च तक रहेगा। इस समय घटस्थापना तो की जा सकती है, लेकिन अन्य मांगलिक कार्य टालना चाहिए।

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चैत्र नवरात्रि में क्या न करें

  • मांस, मदिरा और शराब से परहेज करें।

  • बाल, दाढ़ी और नाखून न काटें।

  • झूठ बोलना, झगड़ा करना और क्रोध से बचें।

  • पूजा स्थल को गंदा या अशुद्ध न रखें।

  • व्रत और पूजा के नियमों का पालन करें।

  • किसी का अपमान या बुरा बोलना वर्जित है।

चैत्र नवरात्रि में क्या करें

  • दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का पाठ करना शुभ है।

  • व्रत रखने से शरीर और मन की शुद्धि होती है।

  • अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  • रोज माता दुर्गा की आरती और भजन करें, घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

इस तरह, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विशेष सावधानी और नियमों का पालन करना आवश्यक है ताकि पूजा और व्रत का शुभ प्रभाव पूरी तरह से प्राप्त हो।

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