अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के AAP विधायकों के साथ बैठक कर आगामी चुनाव रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने सरकार के कामकाज, संगठन मजबूती और पंजाब विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर अहम बातें कहीं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पार्टी विधायकों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान केजरीवाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव में अब लगभग 10 महीने का समय शेष है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार के कार्यों की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है और आम जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।
केजरीवाल ने हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर वोटों को प्रभावित करने जैसी स्थिति देखने को मिली, जिससे चुनाव परिणामों पर असर पड़ा। उन्होंने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जनता ने बदलाव को चुना था और आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली थी। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र में जनता की शक्ति का उदाहरण बताया।
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पंजाब में आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने विधायकों को संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधे जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में पार्टी को पूरी ऊर्जा के साथ काम करना होगा ताकि सरकार की योजनाओं और कामों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल पंजाब और उसके लोगों के हितों के खिलाफ काम करते हैं। उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को मजबूती से रखें। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।