Saturday, August 22, 2026

भारत में सिर्फ iPhone नहीं, अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स भी होंगे तैयार

by editor
भारत में सिर्फ iPhone नहीं, अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स भी होंगे तैयार

Apple iPhone की कंपनी चीन से भारत में अपने एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड डिवाइस की प्रोडक्टिविटी को शिफ्ट करने की बना रही है योजना

भारत को मोबाइल उत्पादन का एक विश्वव्यापी हब बनाने के लिए सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है। अब Apple भारत में iPhone सहित अन्य हार्डवेयर उत्पादों को बनाएगा। समाचार पत्रों में कहा गया है कि Google भी चीन से अपने निर्यात-ओरिएंटेड डिवाइस प्रोडक्शन को बंद करके इसे भारत में शिफ्ट करने की योजना बना रहा है। सरकार का कहना है कि इससे देश की इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई रफ्तार मिल सकती है और देश की विश्वव्यापी सप्लाई चेन में स्थिति और मजबूत होगी।

 Apple iPhone के बाद अन्य उत्पादों पर डाली नज़र

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि Apple भारत में अपने मौजूदा उत्पादन इकोसिस्टम को छोड़ने के लिए तैयार है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि Apple अब भारत में आईफोन और कई अन्य उत्पादों और हार्डवेयर घटकों को बनाने की योजना बना रही है। ऐसा करने से स्थानीय विक्रेताओं, कंपोनेंट उत्पादकों और नौकरी के अवसरों को अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

Google चीन से प्रोडक्शन भारत ला सकता है

इसके अलावा, सरकार ने Google को भी गंभीर संकेत दिए हैं। दरअसल, कंपनी चीन से भारत में अपने एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड उपकरणों की उत्पादकता को स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। यदि ऐसा होता है, तो Google की स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उत्पादन क्षमता भारत में बढ़ेगी।

इससे भारत को विश्वव्यापी आयातकर्ता बनने में भी मदद मिलेगी। कंपनियों को चीन पर निर्भरता कम करने और विदेशों में उत्पादन केंद्रों को खोलने से भारत को भी काफी लाभ मिलेगा।

62,500 करोड़ रुपये की नई उत्पादन योजना

सरकार ने करीब ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन उत्पादन योजना (MPMS) को मंजूरी दी है, जिससे मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान वित्त वर्ष से लेकर 2030–31 तक चलने वाली इस योजना का उद्देश्य पहले की Production Linked Incentive (PLI) योजना के बाद मोबाइल उत्पादन को एक नई दिशा देना है। नई योजना का उद्देश्य सिर्फ मोबाइल फोन को बंद करना नहीं है, बल्कि देश में वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना है।

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कंपनियों को अलग-अलग इंसेंटिव मिलेंगे

नई योजना में सरकार एलिजिबल मोबाइल कंपनियों को 2.25% से 5% तक का मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव दे सकती है। इसके अलावा, स्थानीय कंपोनेंट्स खरीदने पर 1.5% तक अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकती है।

भारत का बढ़ता मोबाइल निर्यात

भारत में मोबाइल फोन का निर्यात पिछले दस वर्षों में काफी बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2014 से 2025 के बीच मोबाइल फोन का निर्यात लगभग 166 गुना बढ़ा है। मोबाइल फोन का हिस्सा भी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट में काफी बढ़ा है। भारत अब विश्व के सबसे बड़े मोबाइल फोन उत्पादकों में शामिल हो गया है। Apple और Google जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में प्रोडक्टिविटी को बढ़ाकर देश की स्थिति को मजबूत कर सकता है।

भारतीय कंपनियां भी उठाएंगी लाभ

भारतीय ब्रांड्स और स्थानीय डिजाइन को सरकार की इस नई योजना से अधिक लाभ मिल सकता है। अगले 10 से 14 महीनों में सरकार भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर बेहतर स्मार्टफोन डिजाइन बनाने पर भी काम कर रही है।

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