Friday, August 21, 2026

CM धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का शुभारंभ किया, महिला उद्यमियों और लखपति दीदियों को सम्मानित किया।

by editor
CM धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत 'चौपाल-2026' का शुभारंभ किया, महिला उद्यमियों और लखपति दीदियों को सम्मानित किया।

CM धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का शुभारंभ किया, महिला उद्यमियों और लखपति दीदियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत चौपाल-2026 का शुभारंभ CM पुष्कर सिंह धामी ने किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। CM धामीने कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने को प्रतिबद्ध है। CM धामी ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया।

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में, शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के तहत चौपाल – 2026 का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 हजार से अधिक उद्यमियों को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से मदद मिली है। साथ ही, 8 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों और महिला उद्यमियों को उद्यमिता और आजीविका के अवसर मिल गए हैं। उन्होंने उद्घाटन सत्र में देहरादून के आईटी पार्क में तीन दर्जन गांवों में राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की है, जहां राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेचा जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे गांव प्रदेश के विकास में सहभागी ही नहीं बन रहे हैं, बल्कि अपने बल और मेहनत से आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदेश के युवाओं में साहसी मातृशक्ति में कुछ कर गुजरने की इच्छा और हुनर है। इसी तरह राज्य के स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। केवल हुनर को सही दिशा मिलनी चाहिए। प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” को विकसित किया है।

सरकार की “रोजगार देने वाला बने युवा”

योजना का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड की युवा पीढ़ी रोजगार मांगने की जगह रोजगार देने वाली बने। किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसी विचार को साकार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना।” उनका कहना था कि ग्रामीण उद्यमियों को इस योजना से प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने की मदद मिल रही है, जिससे वे अपने उद्यमों को शुरू कर सकें और आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा

“शहरों तक पहुंचें गांव के उत्पाद.” प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा गया है। वहीं, तीन लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन गई हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी मसालों से लेकर दालों, मंडुवा, झंगोरा, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला तक प्रदेश की मातृशक्ति को व्यापार का रूप दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देश के बड़े शहरों तक गांव के उत्पादों को पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हिमालयाज हाउस नामक अंब्रेला ब्रांड इसी दिशा में बनाया गया है।

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“पीएम मोदी के मंत्रों को धरातल पर उतारने का प्रयास

“उन्होंने कहा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें स्थानीयता के लिए, स्थानीयता से विश्वव्यापी और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया है। प्रदेश सरकार इसे लागू करने की कोशिश कर रही है। सरकार चाहती है कि उत्तराखण्ड के उत्पादों से ग्राहक को पहाड़ों की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू महसूस हो। इसलिए आज राज्य में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, संकलन केंद्र और कृषि सेवा केंद्रों जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिल सकें।

पलायन को रोकना भी लक्ष्य है।

पलायन को रोकना भी ग्रामीण उद्यमिता का एक बड़ा लक्ष्य है, उन्होंने कहा। सरकार चाहती है कि युवा अपने गांव को छोड़कर काम की तलाश में मजबूर न हों। उत्तराखण्ड मजबूत होगा क्योंकि गांव मजबूत होगा। सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए गांवों में अति-निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़कर गांवों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए “ग्रामोत्थान परियोजना” (रीप) भी लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 13 जिलों में “मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल” होंगे। इन चौपालों का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं के बारे में जानें और उनसे लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के बारे में जानकारी देने के लिए प्रचार वैन भी गांव-गांव भेजे जा रहे हैं। लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भी उन्हें सम्मानित किया। साथ ही, उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक, वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की गई। साथ ही, एकीकृत कृषि कलस्टर आधारभूत प्रशिक्षण मॉड्यूल, शिशु और लघु बाल आहार मॉड्यूल, और महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम और प्रबंधन मॉड्यूल भी जारी किए गए। कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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