रघुबीर नगर के गोदाम में भीषण आग से 17 वर्षीय नाबालिग समेत दो लोगों की मौत हो गई। ई-रिक्शा बैटरी में विस्फोट के बाद आग लगने की आशंका है।
दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में सोमवार तड़के एक गोदाम में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम की पहली मंजिल पर रखी ई-रिक्शा की बैटरियों में विस्फोट के बाद आग भड़कने की आशंका है।
सुबह 4:42 बजे मिली आग की सूचना
दमकल विभाग को सुबह करीब 4:42 बजे आग लगने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सुबह करीब 5:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया।
बताया गया कि आग एक ऐसी इमारत में लगी थी, जिसमें भूतल के अलावा चार मंजिलें हैं। आग की सूचना मिलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ई-रिक्शा की बैटरी में विस्फोट से लगी आग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गोदाम की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरियां रखी हुई थीं। इनमें विस्फोट होने के बाद आग फैलने की बात सामने आई है। हालांकि बैटरी में विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अग्निशमन विभाग और संबंधित एजेंसियां घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।
also read: Delhi News: ‘मैं भी दिमागी नक्सल हूं, क्योंकि देशभक्त…
अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित किया
रेस्क्यू अभियान के दौरान दो लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और गुरु गोविंद सिंह अस्पताल, रघुबीर नगर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफेद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद के रूप में हुई है। घटना में जान गंवाने वाले दोनों लोगों के परिवारों में मातम का माहौल है।
आग लगने की वजह की जांच जारी
फिलहाल आग लगने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। बैटरी विस्फोट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक जांच के बाद ही घटना के कारणों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
मुंबई के कांदिवली में भी आग
सोमवार तड़के मुंबई के कांदिवली इलाके में भी एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने की घटना सामने आई। यहां दमकल कर्मियों ने दूसरी मंजिल स्थित लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, आग बिजली के तारों और उपकरणों के अलावा लकड़ी के फर्नीचर, तिरपाल, बांस तथा सजावटी सामग्री तक सीमित रही।