Saturday, July 25, 2026

Union Home Minister Amit Shah : मोदी सरकार में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका एक सलाहकार निकाय से बदलकर एक प्रभावी कार्यशील मंच के रूप में स्थापित हुई है।

by editor
Union Home Minister Amit Shah : मोदी सरकार में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका एक सलाहकार निकाय से बदलकर एक प्रभावी कार्यशील मंच के रूप में स्थापित हुई है।

Union Home Minister Amit Shah : पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे गृह मंत्री अमित शाह

Union Home Minister Amit Shah शनिवार, 22 फरवरी 2025 को पुणे, महाराष्ट्र में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस परिषद में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। बैठक की मेजबानी महाराष्ट्र सरकार कर रही है और इसे गृह मंत्रालय के अंतर्गत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

बैठक में कौन होगा शामिल?

इस बैठक में सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और प्रत्येक राज्य से दो वरिष्ठ मंत्री भाग लेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय गृह सचिव, अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे।

क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना और भूमिका

1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 15-22 के तहत 1957 में देश में पांच क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था। इन परिषदों के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं, जबकि प्रत्येक परिषद में शामिल राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक इसके सदस्य होते हैं। परिषद में प्रत्येक राज्य से दो मंत्रियों को राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है। इसके अलावा, इन परिषदों के संचालन के लिए मुख्य सचिवों के स्तर पर एक स्थायी समिति का भी गठन किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समावेशी विकास के लिए सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद (Cooperative & Competitive Federalism) को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। क्षेत्रीय परिषदें दो या अधिक राज्यों या केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने और विचार-विमर्श के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रही हैं।

परिषदों की भूमिका और प्राथमिकताएं

Union Home Minister Amit Shah ने राज्यों को सशक्त बनाने और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए Cooperative Federalism पर जोर दिया है। मोदी सरकार के तहत क्षेत्रीय परिषदें केवल सलाहकार निकाय न रहकर एक प्रभावी कार्य मंच बन गई हैं। पिछले वर्ष, दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद को छोड़कर, सभी परिषदों की स्थायी समिति की बैठकें आयोजित की गई थीं।

ये परिषदें केंद्र और राज्यों के बीच और विभिन्न राज्यों के बीच विवादों और नीतिगत मुद्दों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। बैठक में प्रमुख विषयों में शामिल होंगे:

  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSC) का कार्यान्वयन।
  • प्रत्येक गांव के 5 किमी के दायरे में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता।
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) का प्रभावी कार्यान्वयन।
  • बुनियादी ढांचे, खनन, पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा और अन्य क्षेत्रीय हितों से जुड़े मुद्दे।

इसके अलावा, क्षेत्रीय परिषदों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों जैसे विद्युत प्रबंधन, शहरी मास्टर प्लान, कुपोषण उन्मूलन, स्कूली बच्चों की ड्रॉपआउट दर में कमी, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सरकारी अस्पतालों की भागीदारी और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को सशक्त बनाने पर भी चर्चा की जाती है।

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