Saturday, September 12, 2026

शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए फर्श से अर्श तक बनाया गया अभेद्य घेरा, जानें कितनी कड़ी है सिक्योरिटी

by editor
शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए फर्श से अर्श तक बनाया गया अभेद्य घेरा, जानें कितनी कड़ी है सिक्योरिटी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए जमीन से आकाश तक एक सुरक्षित घेरा बनाया गया है। जिनपिंग दूसरे देश जाते समय भी अपनी खास कार का इस्तेमाल करते हैं। जिस पर रॉकेट भी काम नहीं करेगा।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। शी जिनपिंग को सुरक्षित रखने के लिए जमीन से आकाश तक एक अभेद्य घेरा बनाया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चीनी सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क करती हैं। NSG और SPG चीनी सुरक्षा एजेंसियों से संबंधित हैं। दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो और स्पेशल सेल के अधिकारी पैरा मिलिट्री फोर्सेज के साथ होटल के बाहर तैनात हैं।

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शी जिनपिंग के पहुंचने से पहले क्षेत्र को कंट्रोल में ले लिया जाता है

शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खतरा उत्पन्न होने का इंतजार नहीं करना, बल्कि जिनपिंग के पहुंचने से पहले पूरे इलाके, रूट, होटल को न्यूट्रलाइज करना है। शी जिनपिंग की सुरक्षा प्रणाली केवल उनके आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं है; इसमें इलाके को नियंत्रित करना, पूर्व सुरक्षा ऑडिट करना, टेक्निकल सर्विलांस करना और विशेष सुरक्षा वाहनों का इस्तेमाल शामिल हैं।

शी जिनपिंग की सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे

  1. सेंट्रल गार्ड ब्यूरो: यह शी जिनपिंग की मुख्य सुरक्षा करता है। PLA के बहुत विशिष्ट और निष्ठावान कमांडो इसमें शामिल हैं।
  2. जब आप जिनपिंग जाते हैं, पूरा क्षेत्र लॉकडाउन जैसा दिखता है। जिनपिंग के दौरे के दौरान, कार्यक्रम स्थल और आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा जाता है, जिससे आम आवाजाही बंद रहती है।
  3. हजारों सुरक्षा कर्मियों की तैनाती – बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाता है। ये अलग-अलग सुरक्षा घेरे में रहते हैं और राष्ट्रपति के आसपास होने वाली हर घटना पर नजर रखते हैं।
  4. दौरे से पहले पूर्ण सुरक्षा परीक्षण – चीनी सुरक्षा और खुफिया अधिकारी उस स्थान का निरीक्षण जिनपिंग के पहुंचने से काफी पहले करते हैं। होटल, कार्यक्रम स्थल, रास्ते और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा की जांच की जाती है।
  5. हवा और आसमान की निगरानी – चीनी एजेंसियां किसी संभावित खतरे को पहले ही पहचानने के लिए विदेशी शहर के एयरस्पेस, वेंटिलेशन सिस्टम और हवा के फ्लो की जांच कर सकती हैं।
  6. AI चेहरे की रिकग्निशन और साइबर इंटेलिजेंस – सुरक्षा प्रणालियों में एडवांस साइबर इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेसियल रिकग्निशन कैमरे प्रयोग किए जाते हैं। तकनीक संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की पहचान में महत्वपूर्ण है।
  7. होटल भी सुरक्षित है: जिनपिंग के होटल में इंफ्रास्ट्रक्चर की कड़ी जांच और निगरानी हो सकती है, साथ ही इंटरनेट और नेटवर्क एक्सेस भी।
  8. सादे कपड़े पहनने वाले चीनी एजेंट – अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान सैकड़ों चीनी सुरक्षा एजेंट सादे कपड़ों में पहुंच सकते हैं। ये स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर संभावित खतरों का आकलन करते हैं।
  9. सुरक्षा प्रक्रिया कई दिन पहले शुरू होती है – सुरक्षा एजेंट सिर्फ जिनपिंग के पहुंचने पर ही काम नहीं करते; वे कई दिन पहले पहुंचकर सुरक्षा ऑडिट चुपचाप शुरू कर सकते हैं।
  10. जिनपिंग में विशेष बुलेटप्रूफ कार के लिए विशेष Hongqi N701 लिमोजिन का उपयोग किया जाता है। रिपोर्टों में बताया गया है कि यह रॉकेट हमले जैसे खतरों से बचाने में सक्षम है, इसलिए इसे बहुत उच्च सुरक्षा वाली आधिकारिक कार के तौर पर बनाया गया है।
  11. स्थानीय सुरक्षा संस्थाओं से सहयोग – यात्रा के दौरान, चीनी सुरक्षा टीम मेजबान देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर रूट, होटल, कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा करती है।

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