Sunday, April 19, 2026

Hyperhidrosis क्या है, एक ऐसी बीमारी जिसमें शरीर से सामान्य से ज्यादा पसीना आता है, और यह कैसे बन सकता है खतरनाक?

by editor
Hyperhidrosis क्या है, एक ऐसी बीमारी जिसमें शरीर से सामान्य से ज्यादा पसीना आता है, और यह कैसे बन सकता है खतरनाक?

Hyperhidrosis एक जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन यह जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। यदि गर्मियों में अत्यधिक पसीना आता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

गर्मी के मौसम में या किसी शारीरिक मेहनत के दौरान पसीना आना सामान्य है, लेकिन जब बिना किसी कारण के शरीर से अत्यधिक पसीना बहने लगे, तो यह सामान्य नहीं होता। इसे मेडिकल भाषा में Hyperhidrosis कहा जाता है, जो एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों से अत्यधिक पसीना निकलता है। यह न केवल शारीरिक परेशानियाँ उत्पन्न करता है, बल्कि मानसिक तनाव भी पैदा कर सकता है।

Hyperhidrosis दो प्रकार की होती है: प्राथमिक और सेकेंडरी। प्राथमिक हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना आमतौर पर हाथों, पैरों, बगल या चेहरे पर आता है और यह मुख्य रूप से आनुवांशिक कारणों से होता है। यह स्थिति अक्सर किशोरावस्था में शुरू होती है। दूसरी ओर, सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस किसी अन्य बीमारी, जैसे थायरॉइड, मधुमेह, मोटापा, संक्रमण या हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। इसमें पसीना पूरे शरीर में हो सकता है और यह किसी दवा के साइड इफेक्ट के कारण भी हो सकता है।

लगातार पसीना आना न केवल असहजता का कारण बनता है, बल्कि इससे त्वचा पर फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण भी हो सकता है। अत्यधिक पसीने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो सकती है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसके अलावा, कई बार पसीने के कारण लोगों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है, खासकर ऑफिस या सोशल फंक्शन्स में। यह आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और मानसिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। कुछ मामलों में, यह डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है।

Hyperhidrosis का इलाज संभव है। सबसे पहले, डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल एंटीपर्सपिरेंट का उपयोग किया जा सकता है, जो पसीने को नियंत्रित करने में मदद करता है। कुछ मामलों में, बोटॉक्स इंजेक्शन भी प्रभावी साबित होते हैं, जो पसीने की ग्रंथियों को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर देते हैं। एक और उपाय है ‘आईओनटोफोरेसिस’, जिसमें हल्के करंट के माध्यम से पसीने की ग्रंथियों की सक्रियता को कम किया जाता है। बहुत गंभीर मामलों में, सर्जरी की सलाह दी जाती है,

बचाव के उपाय
तनाव को कम करने की कोशिश, ढीले और कॉटन के कपड़े पहनना, शरीर को साफ रखना और संतुलित आहार लेना Hyperhidrosis को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। साथ ही, कैफीन, मसालेदार भोजन और धूम्रपान से बचना भी फायदेमंद हो सकता है।

नजरअंदाज न करें पसीने की यह समस्या
Hyperhidrosis जानलेवा तो नहीं है, लेकिन यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। अगर आपको लगता है कि आप अत्यधिक पसीने से परेशान हैं, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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