मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ पर इस गीत की महत्ता को बताया, इसे भारतीय एकता और कर्तव्यों का प्रतीक बताया। उन्होंने नागरिकों से कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस गीत की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों को एकजुट करने और देशवासियों में राष्ट्रीय भावना को जगाने का एक शक्तिशाली साधन था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम को भारतीय एकता का प्रतीक बताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारतीयों को एकजुट करने वाला मंत्र बन गया था। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों के दिलों में देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना को जागृत करता था। उन्होंने बताया कि जब ब्रिटिश सरकार ने 1905 में बंग-भंग का प्रयास किया था, तो इस गीत ने भारतीयों को एकजुट होकर विरोध करने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रीय गीत की भूमिका पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गीत न केवल स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को फैलाने में भी सफल हुआ। उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका यह अमर गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने भारतीयों को यह समझाया कि जाति, धर्म, और क्षेत्र से ऊपर उठकर देश की एकता को सर्वोपरि मानना चाहिए।
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कर्तव्यों का पालन करने की आवश्यकता
सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम् हमें कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है, न कि केवल अधिकारों के प्रति। उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग का भी उल्लेख किया और बताया कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब नागरिक अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर देश की सेवा में जुटते हैं, तो यही असली रूप में वंदे मातरम् का गान होता है।
वंदे मातरम् और भारत की एकता
मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम् को भारत की सामूहिक चेतना और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह गीत आजादी के संघर्ष में हर भारतीय के दिल में गूंजता रहा और यह भारतीयों को एकजुट करने में सफल हुआ। उनका मानना है कि इस गीत ने भारत को एक नई दिशा दी और यह आज भी देशवासियों में एकता और कर्तव्य की भावना पैदा करता है।
150वीं वर्षगांठ पर विशेष आयोजन
इस कार्यक्रम के दौरान लोकभवन में सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गाया गया और स्वदेशी उत्पादों के प्रति संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। उन्होंने कहा कि यह गीत अब सिर्फ एक ऐतिहासिक गीत नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और एकता का जीवंत प्रतीक बन चुका है।