Sunday, August 16, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाइल्डलाइफ वीक का किया शुभारंभ, छात्रा की डिग्री न मिलने पर जताई नाराजगी, सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की

by Neha
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाइल्डलाइफ वीक का किया शुभारंभ, छात्रा की डिग्री न मिलने पर जताई नाराजगी, सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में वाइल्डलाइफ वीक का शुभारंभ किया। छात्रा की डिग्री न मिलने पर जताई नाराजगी, सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा कर त्वरित शिकायत निवारण के निर्देश दिए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वन्यजीव प्राणी सप्ताह (वाइल्डलाइफ वीक) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और प्रदेश में पर्यटन के विकास पर खास जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 14.77 प्रतिशत भूमि संरक्षित है, जिसमें कई राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव विहार शामिल हैं, जो पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।

इसी दिन मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा भी की। समीक्षा के दौरान उन्हें श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, टिहरी की छात्रा साक्षी द्वारा डिग्री न मिलने की शिकायत मिली, जिसे लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। सीएम धामी ने सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा को इस मामले की एक सप्ताह में जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रा को एक सप्ताह के भीतर डिग्री उपलब्ध कराई जाए।

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इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिकायत निवारण के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने को भी कहा, ताकि छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि वे सेवा संबंधी सभी जानकारी कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर लगाएं और बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान करें।

सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने और जिलाधिकारियों को नियमित जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करने के भी आदेश दिए। उन्होंने सभी विभागों को मासिक शिकायत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया और तीन माह से लंबित मामलों को अभियान के जरिए जल्दी निपटाने का भी आग्रह किया।

यह समीक्षा बैठक प्रदेश में जनसुविधाओं के बेहतर प्रबंधन और सरकार की जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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