Saturday, April 18, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वाइल्डलाइफ वीक का किया शुभारंभ, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन पर दिया जोर

by Neha
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वाइल्डलाइफ वीक का किया शुभारंभ, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन पर दिया जोर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में वाइल्डलाइफ वीक लॉन्च किया, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जानें मुख्यमंत्री की नई योजनाएं और संरक्षण प्रयास।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने शुक्रवार को देहरादून जू में वन्यजीव प्राणी सप्ताह (वाइल्डलाइफ वीक) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन्यजीव हमलों में जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की।

वन्यजीव हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्यजीव उत्तराखंड की सनातन संस्कृति में मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव का प्रतीक हैं। राज्य की लगभग 14.77% भूमि संरक्षित है, जिसमें 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं। यह देश के कुल संरक्षित क्षेत्र (5.27%) की तुलना में अधिक है। प्रदेश की हरियाली और वन्यजीव देश-विदेश से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

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हर जिले में नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर जिले में कम से कम एक नया पर्यटन स्थल विकसित करने का निर्देश दिया, जो पर्यटकों के लिए सुलभ होने के साथ-साथ प्राकृतिक स्वरूप को भी सुरक्षित रखे। इसके अलावा, नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है, ताकि लोग प्रकृति के साथ जुड़ सकें और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी और हिम तेंदुआ जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हुई है। साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन और GPS का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को वन संरक्षण में भागीदारी के लिए रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं।

युवाओं को पर्यटन और संरक्षण से जोड़ा जा रहा है

मुख्यमंत्री ने “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर” योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और इको-टूरिज्म से जुड़ी कौशल भूमिकाओं में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में इको क्लब स्थापित कर छात्रों को वन्यजीव संरक्षण से संबंधित शैक्षिक गतिविधियों में जोड़ा जा रहा है।

पर्यटकों से पर्यावरण संरक्षण की अपील

पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटकों से जंगल सफारी और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन और वन्यजीवों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है और इकोनॉमी, इकोलॉजी व टेक्नोलॉजी के संतुलन से ही प्रदेश का सतत विकास संभव होगा।

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