UP NEWS : उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण तेज रफ्तार से जारी है। यह 594 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला एक्सप्रेसवे है, जिसका काम चौबीसों घंटे लगातार हो रहा है। इसी दौरान, इस प्रोजेक्ट के तहत 24 घंटे में दो विश्व रिकॉर्ड बनाए गए हैं।
सोमवार का दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि महज 24 घंटों में यहां दो विश्व रिकॉर्ड बने। दरअसल, राज्य में इन दिनों गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण बेहद तेज़ी से किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर तीर्थराज प्रयागराज तक जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान ही दो विश्व स्तरीय रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे कुल 594 किलोमीटर लंबा और छह लेन का होगा, जिसका निर्माण दिन-रात बिना रुके जारी है।
18 मई को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत हरदोई-उन्नाव सेक्शन में किए गए निर्माण कार्य ने न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। एक्सप्रेसवे के पैकेज-3 (हरदोई-उन्नाव खंड) के तहत केवल 24 घंटे में 34.24 लेन किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट बिछाई गई। इस दौरान 20,105 घन मीटर बिटुमिनस मिक्स का उपयोग करते हुए कुल 1,71,210 वर्ग मीटर सड़क निर्माण किया गया।
10 किलोमीटर थ्राई-बीम क्रैश बैरियर भी लगाए गए
पहले गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर 2023 में 27 लेन किलोमीटर का रिकॉर्ड बनाया गया था। इसी 24 घंटे के दौरान हरदोई-उन्नाव खंड में 10 किलोमीटर थ्राई-बीम क्रैश बैरियर भी स्थापित किए गए, जो अब तक का नया विश्व रिकॉर्ड है। थ्राई-बीम क्रैश बैरियर दुर्घटना के समय वाहनों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दोनों रिकॉर्ड के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसी प्रमुख रिकॉर्ड संस्थाओं ने प्रमाण पत्र जारी किए हैं।
उत्तर गंगा एक्सप्रेसवे का काम नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसका अनुमानित खर्च 36,230 करोड़ रुपये है। अब तक लगभग 430 किलोमीटर का निर्माण पूरा किया जा चुका है।