Typhoid Fever: दूषित पानी से फैल रहा टाइफाइड, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के आसान उपाय। समय पर पहचान और इलाज से सुरक्षित रहें।
Typhoid Fever: इंदौर और देशभर के कई शहरों में दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैलने का खतरा बढ़ गया है। टाइफाइड एक गंभीर बेक्टेरियल संक्रमण है, जो साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया दूषित खाना और पानी के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
टाइफाइड फीवर क्या है?
टाइफाइड फीवर, जिसे एंटरिक फीवर भी कहा जाता है, आंतों और खून को प्रभावित करता है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी और भूख में कमी। भारत में हर साल लगभग 47-48 लाख लोग टाइफाइड से प्रभावित होते हैं, और कई मामलों में मौत भी हो जाती है। यह संक्रमण बच्चों और युवाओं में अधिक देखा जाता है, लेकिन दूषित पानी और स्वच्छता की कमी वाले क्षेत्र में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को यह हो सकता है।
टाइफाइड कब खतरनाक बन जाता है?
टाइफाइड तब और खतरनाक बन जाता है जब इसे समय पर पहचानकर सही एंटीबायोटिक दवा न दी जाए। कई क्षेत्रों में टाइफाइड के बैक्टीरिया दवाओं के प्रति रेजिस्टेंट हो गए हैं। दूषित पानी, गंदगी, खुले नाले, खुले कुएं और कमजोर सीवेज सिस्टम इसके फैलने में मदद करते हैं।
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खराब स्वच्छता वाले खाने-पीने की चीजें जैसे स्ट्रीट फूड, कच्ची सब्जियां, लस्सी और गन्ने का रस भी संक्रमण का कारण बन सकती हैं। कुछ लोग टाइफाइड ठीक होने के बाद भी बैक्टीरिया शरीर में रखते हैं और दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।
लक्षण कब दिखाई देते हैं?
टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 1-3 हफ्ते बाद दिखने लगते हैं। शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इसके बाद तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द, मतली या उल्टी, भूख न लगना और सूखी खांसी हो सकती है। गंभीर मामलों में पेट में सूजन, गुलाबी दाने, आंतों में रक्तस्राव, भ्रम और बेहोशी जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बचाव के उपाय:
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साफ और उबला हुआ पानी पीएं।
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खाने को अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाएं।
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हाथों की सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखें।
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संदेहास्पद स्ट्रीट फूड और पानी से बनी चीजों से बचें।
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समय पर वैक्सीन और डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं।
टाइफाइड से सुरक्षित रहने के लिए साफ-सफाई और स्वच्छ पानी का सेवन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर लगातार तेज बुखार और पेट दर्द है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।