Kidney खराब होने पर सबसे पहले ये तीन संकेत नजर आते हैं।

Kidney खराब होने पर सबसे पहले ये तीन संकेत नजर आते हैं।

Kidney शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाती है। जब किडनी खराब होने लगती है, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। शुरुआत में किडनी खराब होने के कुछ हल्के लक्षण सामने आते हैं, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। किडनी के 60 से 80 प्रतिशत तक खराब होने पर ही गंभीर संकेत प्रकट होने लगते हैं। किडनी की खराबी के शुरुआती दौर में तीन मुख्य लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें पहचान कर समय रहते उपचार शुरू करना जरूरी है।

Kidney शरीर में राजमा के आकार के दो अंग होते हैं, जो मुट्ठी जितने बड़े होते हैं और कमर की पसलियों के नीचे स्थित होते हैं। किडनी के कई महत्वपूर्ण काम होते हैं, जिनमें रक्त को साफ करना और शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालना शामिल है। ये अपशिष्ट पदार्थ यूरिन के माध्यम से बाहर निकलते हैं। जब किडनी खराब हो जाती है, तो ये कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे पूरे शरीर पर असर पड़ता है। अधिकांश लोगों के शरीर में दो किडनी होती हैं, लेकिन कुछ के पास एक ही किडनी होती है, जो यदि सही ढंग से काम करे तो जीवन में कोई बड़ी दिक्कत नहीं होती।

Kidney खराब होने पर कई बार लक्षण देर से दिखाई देते हैं या बहुत हल्के होते हैं, इसलिए उन्हें पहचानना मुश्किल होता है। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है, जिसमें त्वचा से लेकर दिल तक प्रभावित हो सकते हैं। अक्सर हल्के लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन जब लक्षण गंभीर हो जाते हैं, तब मरीज इलाज के लिए आगे बढ़ते हैं। किडनी की खराबी का समय पर पता चलना जरूरी है क्योंकि जल्दी इलाज होने पर स्थिति बेहतर होती है, जबकि देरी से जान को भी खतरा हो सकता है।

शुरुआती लक्षण
Kidney खराब होने की शुरुआत में कुछ संकेत सामने आते हैं जिन्हें अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। इनमें यूरिन के पैटर्न में बदलाव प्रमुख होता है। इसके अलावा लगातार थकान महसूस होना भी किडनी खराब होने के शुरुआती संकेतों में शामिल है। इस दौर में त्वचा पर एलर्जी या खुजली भी हो सकती है, जो किसी भी हिस्से पर हो सकती है। इसके साथ ही शरीर में सूजन आना, भूख कम लगना, सांस लेने में दिक्कत, नींद न आना, उल्टी और मतली जैसी समस्याएं भी किडनी खराब होने के लक्षण हो सकते हैं।

क्या करना चाहिए
Kidney खराब होने के शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और अपनी जीवनशैली में जरूरी बदलाव करें। किडनी सही तरीके से काम न करने पर शरीर से हानिकारक पदार्थ बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह अनुसार पानी पीने की मात्रा नियंत्रित रखें। भोजन में भी सावधानी बरतना जरूरी है। अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो किडनी की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। शुरुआती चरण में सही इलाज शुरू करने से किडनी को पूरी तरह नुकसान पहुंचने से रोका जा सकता है।

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