अगर आप या आपके परिवार में कोई Thyroid की समस्या से गुजर रहा है, तो खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. एक छोटी सी डाइट में सुधार आपको बड़ी राहत दे सकता है. संतुलित और पोषक आहार न केवल दवाओं के असर को बढ़ाता है, बल्कि थायरॉइड को बेहतर तरीके से नियंत्रित भी करता है।
Thyroid क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
Thyroid एक अहम ग्रंथि है जो गले के सामने की ओर होती है और इसका आकार तितली जैसा होता है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी ऊर्जा उत्पादन और खर्च को नियंत्रित करती है. अगर यह ग्रंथि ठीक से काम न करे, तो हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है, जिससे वजन बढ़ना, थकान, बाल झड़ना, मूड में उतार-चढ़ाव और पीरियड्स में गड़बड़ी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
Thyroid के दो प्रकार होते हैं:
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हाइपोथायरॉइडिज्म: इसमें हार्मोन का स्तर कम होता है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है।
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हाइपरथायरॉइडिज्म: इसमें हार्मोन अधिक बनने लगते हैं और मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है।
दोनों ही स्थितियों में सही डाइट बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
थायरॉइड में क्या खाना चाहिए?
Thyroid को संतुलित रखने के लिए कुछ खास पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करना जरूरी है:
आयोडीन: यह थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में अहम होता है। आयोडीन युक्त नमक, समुद्री मछली और झींगे इसके अच्छे स्रोत हैं।
सेलेनियम: यह थायरॉइड को डैमेज से बचाता है। ब्राजील नट्स, अंडे, साबुत अनाज और सूरजमुखी के बीज इसका अच्छा स्रोत हैं।
जिंक: यह हार्मोन के निर्माण में मदद करता है। दही, दूध, दालें और कद्दू के बीज का सेवन करें।
विटामिन B12: थकान और कमजोरी से बचाता है। अंडा, दूध और फोर्टिफाइड अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं।
प्रोटीन युक्त आहार: जैसे दालें, सोया, पनीर, अंडा और चिकन शरीर की मांसपेशियों को बनाए रखते हैं और मेटाबॉलिज्म संतुलित रखते हैं।
पानी और फाइबर: पाचन को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पानी और रेशेदार चीज़ें खानी चाहिए।
किन चीजों से बचना चाहिए?
कुछ फूड्स थायरॉइड की कार्यप्रणाली में बाधा बनते हैं, इन्हें गॉयट्रोजेन्स कहा जाता है:
कच्ची पत्ता गोभी, ब्रोकली, फूलगोभी, मूली और शलजम— इन्हें पकाकर सीमित मात्रा में खाएं।
सोया और सोया उत्पाद: ये कुछ मामलों में दवाओं के असर को कम कर सकते हैं।
प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थ: ये वजन और सूजन बढ़ाते हैं।
कैफीन और अल्कोहल: हार्मोनल संतुलन और नींद पर असर डालते हैं।
Thyroid से जूझ रहे लोगों को दवा के साथ-साथ एक सही डाइट और जीवनशैली अपनानी चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर खाना और हानिकारक खाद्य पदार्थों से दूरी ही थायरॉइड को नियंत्रण में रखने का सबसे बेहतर तरीका है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं और रूटीन का पालन जरूर करें।