अलवा गांव में सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के चैतर वसावा ने कहा कि गुजरात में जिला और तालुका स्तर पर उम्मीदवारों का नामांकन हो रहा है और उसके प्रचार के लिए हम अलवा गांव आए हैं। इस अवसर पर मेरे साथ नर्मदा जिले के उम्मीदवार, शहर की जिला सीट के उम्मीदवार सुरेशभाई, तालुका सीट की उम्मीदवार सुमिताबेन तथा गरुडेश्वर तालुका के उम्मीदवार और अग्रणीजन उपस्थित रहे। गांव और आसपास के क्षेत्रों के बुजुर्ग, युवक, माता-बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों से हम भाजपा की सरकार को सत्ता में ला रहे हैं और तालुका, जिला, राज्य तथा देश में लंबे समय से भाजपा का शासन चल रहा है, जिसकी स्थिति आज सभी को ज्ञात है। उन्होंने आगे कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों में यह मान्यता थी कि गुजरात भाजपा का गढ़ है और आम आदमी पार्टी आगे नहीं बढ़ सकेगी, लेकिन आज परिस्थितियां बदल रही हैं। आज गुजरात में लगभग 6000 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी की ओर से मैदान में हैं और भाजपा के सामने सच्ची टक्कर अब आम आदमी पार्टी ही दे रही है। कुछ क्षेत्रों में भाजपा के नेताओं ने भी स्वीकार किया है कि वे हार रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी केवल बड़े नेताओं की पार्टी नहीं है, बल्कि सामान्य लोगों की पार्टी है, जिसमें सामान्य परिवारों से आए उम्मीदवारों को अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस बार के चुनाव में परिवर्तन के लिए आगे आएं और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को विजयी बनाएं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एसआईआर पर जोर: यूपी में मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करने और आगामी चुनावों के लिए तैयारियों की समीक्षा की।
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सक्रिय रूप से संवाद करना शुरू कर दिया है। उन्होंने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को इसके प्रति लगातार जागरूक रहने की सलाह दी।
‘हर पात्र मतदाता का नाम होना चाहिए सूची में’
सीएम योगी ने इस दौरान जोर दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत और समावेशी बनेगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो।
कार्यकर्ताओं को दिए गए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे आम जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटे नहीं। उन्होंने बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ समन्वय कर प्रत्येक बूथ पर गहन संपर्क स्थापित करने को कहा, ताकि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अधिक से अधिक नागरिक शामिल हो सकें।
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जनप्रतिनिधियों से अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे संगठन के साथ मिलकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान को सुचारू रूप से चलाने में मदद करें। उनका एकमात्र उद्देश्य यह होना चाहिए कि केवल सही और पात्र मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो।
जनता के प्रति जिम्मेदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए और उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी पूरी तत्परता के साथ काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनपद दौरा और समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदित्यनाथ फिलहाल राज्य के विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं। वे पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से सीधे संवाद कर मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान वे आगामी चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी दे रहे हैं और इस प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं।
लोकतंत्र की रक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश की जनता के लिए उठाई आवाज़ : “SIR पर सवाल उठाना जनता का हक़ है, ECI जवाबदेह बने।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोकतंत्र की रक्षा करते हुए कहा: “SIR पर सवाल उठाना जनता का हक है, जवाबदेही चुनाव आयोग की जिम्मेदारी।” चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता के भरोसे को मजबूत करने वाला साहसिक बयान।
आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।”
यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है।
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इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं — पारदर्शिता समाधान है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, मुख्यमंत्री भगवंत मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य।
ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है—जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते।भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने MCD उपचुनाव 2025 के लिए नया थीम सॉन्ग ‘दिल्ली बोले-हर वोट है अनमोल’ लॉन्च किया। यह गीत नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के लिए तैयार किया गया है।
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने MCD उपचुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए नया थीम सॉन्ग “दिल्ली बोले-हर वोट है अनमोल” जारी किया। इस थीम सॉन्ग का उद्देश्य नागरिकों को मतदान के प्रति प्रेरित करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को मजबूत बनाना है।
थीम सॉन्ग का औपचारिक अनावरण
राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. विजय देव ने संयुक्त सचिव आदेश्वर कांत की मौजूदगी में इस थीम सॉन्ग का औपचारिक अनावरण किया। डॉ. देव ने बताया कि यह गीत हर योग्य मतदाता को अपनी जिम्मेदारी समझने और उत्साहपूर्वक मतदान करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण होता है और स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करता है।
MCD BYE ELECTIONS 2025 – Voter Awareness Theme Song
Don’t forget to vote on 30th November, 2025 | From 7:30 AM to 5:30 PM#mcddelhi #DelhiMCD #MCDbyElections2025 #voterawarenessdrive #theme pic.twitter.com/8stlNU3CDH— STATE ELECTION COMMISSION DELHI (@secdelhi) November 26, 2025
गीत में एकजुट होकर मतदान की अपील
इस ऑडियो-वीडियो थीम सॉन्ग में राजधानी की विविधता, संवेदनाएं और नागरिक भावना को दर्शाया गया है। गीत सभी आयु वर्ग के लोगों को एकजुट होकर वोट डालने की प्रेरणा देता है। इसकी अवधारणा आयोग की SVEEP (Systematic Voter Education and Electoral Participation) पहल से मेल खाती है, जिसमें नागरिक कर्तव्यों और समावेशिता को प्राथमिकता दी जाती है।
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डिजिटल और आउटडोर माध्यमों में प्रसार
संयुक्त सचिव आदेश्वर कांत ने बताया कि आगामी 12 वार्डों में होने वाले उपचुनाव के दौरान इस थीम सॉन्ग को सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, आउटडोर स्क्रीन और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ना है।
निष्पक्ष और सहभागी चुनावों के लिए आयोग की प्रतिबद्धता
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की कि वे उपचुनाव में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और अपने वोट की ताकत को साबित करें। आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बिहार चुनाव 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोरदार हमला – कहा, ‘विकास नहीं बुर्का चाहिए, फर्जी वोट डालेंगे लेकिन चेहरा नहीं दिखाएंगे
बिहार चुनाव 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला किया, कहा ‘विकास नहीं बुर्का चाहिए’। फर्जी वोटिंग की चेतावनी देते हुए उन्होंने माफिया राज खत्म करने का संकल्प जताया। पढ़ें पूरा विश्लेषण।
बिहार चुनाव के बीच दानापुर विधानसभा क्षेत्र में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर करारा प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी विकास की बात नहीं करते, उन्हें विकास नहीं बल्कि बुर्का चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आरजेडी बिहार की प्रगति को रोकने के लिए साजिश रच रहे हैं और फर्जी वोट डालवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने असली चेहरे को छिपा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा, “फर्जी वोट डलवाएंगे लेकिन चेहरा नहीं दिखवाएंगे। विदेश में तीर्थ यात्रा करेंगे, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट और फोटो दिखाएंगे, लेकिन बिहार में वोटिंग के वक्त बुर्का को लेकर विवाद खड़ा करेंगे। उनका मकसद बिहार के गरीबों के हकों पर डाका डालना है।”
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उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर माफिया राज चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल हर जिले में माफिया पालते थे और पैसा विदेश के बैंकों में जमा करते थे। लेकिन अब पीएम मोदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार और माफिया राज को खत्म किया जा रहा है। योगी ने कहा कि अब भ्रष्टाचार फैलाने वालों को जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।
बिहार चुनाव में योगी आदित्यनाथ का यह बयान विपक्ष पर तीखा प्रहार माना जा रहा है, जो आगामी चुनावों के राजनीतिक माहौल को और गरमा देगा।