साल 2026 में विनायक चतुर्थी और गणेश चतुर्थी की पूरी लिस्ट जानें। सभी तिथियां और पूजा विधि देखकर आप सही समय पर गणेश जी की उपासना कर सकते हैं।
विनायक चतुर्थी 2026: गणेश जी की उपासना के लिए सालभर में 24 चतुर्थी व्रत किए जाते हैं, जिनमें 12 संकष्टी चतुर्थी और 12 विनायक चतुर्थी शामिल हैं। अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। कई स्थानों पर इसे वरद विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत के दौरान गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता और बुद्धि एवं ज्ञान की प्राप्ति होती है।
साल 2026 में विनायक चतुर्थी की लिस्ट
| चतुर्थी का नाम | माह | तारीख 2026 |
|---|---|---|
| गणेश जयंती (माघ) | जनवरी | 22 जनवरी 2026 |
| ढुढिराज चतुर्थी (फाल्गुन) | फरवरी | 21 फरवरी 2026 |
| वासुदेव चतुर्थी (चैत्र) | मार्च | 22 मार्च 2026 |
| संकर्षण चतुर्थी (वैशाख) | अप्रैल | 20 अप्रैल 2026 |
| वरदा चतुर्थी (अधिकमास) | मई | 20 मई 2026 |
| प्रद्युम्न चतुर्थी (ज्येष्ठ) | जून | 18 जून 2026 |
| अनिरुद्ध चतुर्थी (आषाढ़) | जुलाई | 17 जुलाई 2026 |
| दूर्वा चतुर्थी (सावन) | अगस्त | 16 अगस्त 2026 |
| गणेश चतुर्थी (भाद्रपद) | सितंबर | 14 सितंबर 2026 – गणेश उत्सव शुरू |
| कपर्दिश चतुर्थी (अश्विन) | अक्टूबर | 14 अक्टूबर 2026 |
| लाभ चतुर्थी (कार्तिक) | नवंबर | 13 नवंबर 2026 |
| कृच्छु चतुर्थी (मार्गशीर्ष) | दिसंबर | 13 दिसंबर 2026 |
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि
विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर या मंदिर की सफाई करें। इसके बाद भगवान गणेश की पूजा करें और उनके मंत्रों का जाप करें। पूजा में पुष्प, मिठाई, फल, धूप, चंदन और पान का पत्ता चढ़ाएं। पूजा के बाद धूप-दीप जलाकर कथा सुनें और आरती करें। प्रसाद सभी में बांट दें। शाम को इसी विधि से दोबारा गणेश जी की पूजा करें। यह व्रत फलाहार करके रखा जाता है।