दिल्ली सरकार पहली बार अपना आधिकारिक लोगो बना रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगो चयन के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। 1800 से अधिक डिज़ाइन प्रविष्टियों के आधार पर लोगो दिल्ली की संस्कृति, इतिहास और विकास का प्रतीक बनेगा।
दिल्ली सरकार ने इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) के लिए आधिकारिक राज्य लोगो तैयार करने की घोषणा की है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगो डिजाइन की प्रक्रिया और चयन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
myGov पोर्टल पर मिलीं 1800 लोगो डिज़ाइन प्रविष्टियां
लोगो डिज़ाइन के लिए सरकार ने mygov.in पोर्टल पर एक खुली प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 1800 लोगो डिज़ाइन सबमिशन प्राप्त हुए हैं। ये सभी डिज़ाइन्स दिल्ली की संस्कृति, इतिहास, विकास और जनकल्याणकारी शासन को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं।
विशेषज्ञ समिति करेगी लोगो डिज़ाइनों का मूल्यांकन
सीएम रेखा गुप्ता द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति इन सभी डिज़ाइनों का मूल्यांकन करेगी। इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव करेंगे और इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से जुड़े डिज़ाइन और प्रशासन विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। समिति का उद्देश्य है सबसे उपयुक्त लोगो को चुनकर उसे अंतिम रूप देना, जो दिल्ली की विशिष्ट पहचान को प्रभावशाली तरीके से दर्शाए।
लोगो होगा दिल्ली के इतिहास और भविष्य का प्रतीक
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लोगो दिल्ली की आधुनिक, पारदर्शी और विकासशील सरकार का प्रतीक होगा। सरकार चाहती है कि यह चिन्ह न सिर्फ दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत, बल्कि उसकी तकनीकी प्रगति और शासन की पारदर्शिता को भी उजागर करे।
क्यों ज़रूरी है दिल्ली का आधिकारिक लोगो?
अब तक दिल्ली के पास कोई आधिकारिक राज्य-लोगो नहीं था। यह नई पहल दिल्ली की विशिष्ट पहचान को स्थापित करने के लिए एक ब्रांडिंग टूल के रूप में काम करेगी। यह लोगो न केवल सरकारी दस्तावेज़ों और योजनाओं में उपयोग होगा, बल्कि राज्य की ब्रांडिंग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व के लिए भी एक मजबूत पहचान बनेगा।