राजस्थान में पंचायतों का बड़ा पुनर्गठन, 41 जिलों में 3400 नई पंचायतें बनीं, ग्राम पंचायतों की संख्या लगभग 14,000 हुई, नए पद बढ़ेंगे।
राजस्थान सरकार ने 41 जिलों में पंचायतों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की है। इस प्रक्रिया में लगभग 3400 नई पंचायतें जुड़ीं, जिससे प्रदेश में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 14,000 हो गई है। इस पुनर्गठन के बाद सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पदों की संख्या भी बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगी।
जयपुर में 20 पंचायत समितियों का पुनर्गठन
राजधानी जयपुर में 20 पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इनमें सांगानेर विधानसभा क्षेत्र सहित जमवारामगढ़, दूदू, फागी, आंधी, चाकसू, कोटखावदा, बस्सी, तूंगा, जालसू, जोबनेर, गोविंदगढ़, शाहपुरा, विराटनगर, मौजमाबाद, माधोराजपुरा, सांभरलेक, झोटवाड़ा, आमेर और किशनगढ़-रेनवाल शामिल हैं।
पंचायतों के पुनर्गठन का महत्व
राजस्थान में पंचायतों का नया नक्शा अगले साल होने वाले पंचायत और निकाय चुनावों के लिए अहम है। नए सीमाओं के अनुसार आगामी चुनाव होंगे। रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में नई पंचायतों के निर्माण से लोगों को सरकारी काम निपटाने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और मेहनत की बचत होगी।
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रोजगार और विकास के अवसर
नई पंचायतों के निर्माण से नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत सहायकों के पदों में वृद्धि होगी, जिससे शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी पाने के नए मौके मिलेंगे। आगामी भर्तियों में भी इन नई पंचायतों के अनुसार पदों में वृद्धि की जाएगी।
रेगिस्तानी जिलों और ग्रामीण विकास में सुधार
बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर और चूरू जैसे रेगिस्तानी जिलों में पंचायत मुख्यालय अब करीब होंगे। इससे ग्रामीण विकास की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को सरकारी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।