पंजाब में VB-G RAM G बिल पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, यह बिल गरीबों की आजीविका पर खतरा और मजदूरों के हित के खिलाफ है।
पंजाब में केंद्र सरकार द्वारा MNREGA के स्थान पर पारित किए गए VB-G RAM G बिल, 2025 को लेकर सियासी उठापटक तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे गरीब और मजदूर वर्ग के लिए गंभीर खतरे के रूप में बताया और कहा कि यह बिल गरीबों की आजीविका पर हमला करता है। मुख्यमंत्री ने इस बिल के खिलाफ पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की है, जो जनवरी के दूसरे सप्ताह में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा में बदलाव कर केंद्र सरकार गरीब परिवारों के चूल्हे बुझाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बिल को गरीबों के हित के खिलाफ बताते हुए इसे रोकने के लिए पंजाबियों की आवाज को बुलंद करने का आह्वान किया।
ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਗਰੀਬਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਦਾ ਸਾਧਨ “ਮਨਰੇਗਾ” ਸਕੀਮ ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਗਰੀਬਾਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਚੁੱਲ੍ਹੇ ਠੰਢੇ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. ਇਸ ਧੱਕੇਸ਼ਾਹੀ ਵਿਰੁੱਧ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇਜਲਾਸ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਦੂਜੇ ਹਫ਼ਤੇ ਬੁਲਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) December 19, 2025
विपक्ष का विरोध जारी
वहीं, विपक्ष ने VB-G RAM G बिल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। टीएमसी ने संसद के बाहर 12 घंटे तक धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। कांग्रेस ने इसे महात्मा गांधी का अपमान बताते हुए कहा कि यह रोजगार गारंटी कानून की आत्मा को खत्म करने जैसा है।
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संजय सिंह का बयान
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि MNREGA दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली योजना थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग गांधी जी को बर्दाश्त नहीं कर सकते, वही इस बिल को लागू कर रहे हैं। उनका कहना है कि VB-G RAM G बिल ग्रामीण गरीबों को नौकरी की कानूनी गारंटी से वंचित करता है।
राजनीतिक हलचल बढ़ने के संकेत
सरकार और विपक्ष के बीच संसद और विधानसभा दोनों स्तरों पर विरोध और टकराव जारी है। आने वाले दिनों में इस बिल को लेकर और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।