सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने में नया उदाहरण स्थापित किया है। राज्य के 1012 गांवों में राहत वितरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इस वर्ष आई भयंकर बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मान सरकार ने तेज़ी से आर्थिक सहायता सुनिश्चित की, जिससे घरों, फसलों और पशुधन के नुकसान का समय पर मुआवजा प्रभावित परिवारों तक पहुंचा।
पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने रिकॉर्ड समय में सबसे अधिक मुआवजा वितरित किया। ‘मिशन चढ़दी कला’ के तहत करोड़ों रुपये सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जो सरकार की पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
घरों के लिए बढ़ा मुआवजा
सीएम भगवंत मान ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों के लिए राहत राशि बढ़ाकर ₹40,000 प्रति घर कर दी है, जो पहले ₹6,500 थी। इसके अलावा, ‘जिसदा खेत, उसदी रेत’ योजना के तहत किसानों को खेतों से रेत निकालने का अधिकार दिया गया, जिससे वे अपनी जमीन की उर्वरता बहाल कर सकें।
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फसलों और पशुधन के लिए सबसे अधिक मुआवजा
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फसल नुकसान: ₹20,000 प्रति एकड़
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दुग्धारू पशु: ₹37,500 प्रति पशु
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गैर-दुग्धारू पशु: ₹32,000 प्रति पशु
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बछड़ा: ₹20,000 प्रति बछड़ा
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पोल्ट्री पक्षी: ₹100 प्रति पक्षी
जिलों में तेजी से राहत वितरण
वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने दिड़बा हलके के 11 गांवों के 81 बाढ़ प्रभावित किसानों को ₹22.71 लाख वितरित किए। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सुनाम क्षेत्र के 11 गांवों के 82 परिवारों को ₹17.47 लाख प्रदान किए। MLA कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला में 594 परिवारों को ₹2.09 करोड़ और महल कलां में विशेष अधिकार समिति अध्यक्ष कुलवंत सिंह पंडोरी ने 27 परिवारों को ₹5.49 लाख वितरित किए। कुल मिलाकर महल कलां क्षेत्र के 41 प्रभावित परिवारों को ₹9.82 लाख का मुआवजा मिला।
मान सरकार: जनता के साथ खड़ी
मिशन चढ़दी कला के माध्यम से पंजाब सरकार ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ वादे करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि ज़मीन पर काम करने वाली सरकार है। इस पहल ने प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण दोनों का शानदार उदाहरण पेश किया है।