पंजाब कराधान विभाग ने राज्यव्यापी कर चोरी विरोधी अभियान चलाया; 793 वाहनों की जांच में ₹14.84 करोड़ जुर्माना वसूला गया। हरपाल सिंह चीमा ने जीएसटी अनुपालन और राजस्व सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने का जोर दिया।
पंजाब कराधान विभाग ने 28 जनवरी को राज्यभर में कर चोरी और जीएसटी उल्लंघनों को रोकने के लिए एक व्यापक राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान संचालित किया। यह पहल विभाग की सरकारी राजस्व की सुरक्षा और सख्त जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस संबंध में पंजाब के आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि अभियान के तहत 141 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें अधिकांश वाहनों को मंडी गोविंदगढ़ और लुधियाना में रोका गया, जो लौह और इस्पात व्यापार के प्रमुख केंद्र हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इन वाहनों में परिवहन किया जा रहा अधिकांश लोहे और इस्पात का सामान बिना चालान और ई-वे बिल के था, जिससे कर चोरी की आशंका जताई गई।
मंत्री चीमा ने कहा कि यह अभियान विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले लौह और इस्पात क्षेत्र को ध्यान में रखकर चलाया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर यह सुनिश्चित किया गया कि चालान रहित माल, फर्जी फर्में, फर्जी बिलिंग और ई-वे बिल में हेराफेरी जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। एसआईपीयू (राज्य खुफिया एवं निवारक इकाइयाँ) को निर्देश दिया गया कि वे लौह स्क्रैप, तैयार लौह और इस्पात उत्पादों सहित उच्च जोखिम वाले सामान पर जांच तेज करें।
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जनवरी 2026 के दौरान चलाए गए निरंतर अभियान में कुल 793 वाहन जब्त किए गए, जिनमें से 538 वाहनों में लोहे का स्क्रैप और तैयार लोहा/इस्पात का सामान था, जबकि बाकी वाहनों में अन्य सामान पाया गया। इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप अब तक 667 मामलों में ₹14.84 करोड़ का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, 28 जनवरी तक 187 मामले अभी सत्यापन के अधीन हैं और इनसे आगे और वसूली की संभावना है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभाग का सक्रिय और खुफिया-आधारित दृष्टिकोण जीएसटी अनुपालन को मजबूत करता है, कर चोरी को रोकता है और ईमानदार करदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि राज्य में पारदर्शिता और कर संग्रह की क्षमता को बनाए रखा जा सके।