द 50’ कंटेस्टेंट मिस्टर फैसू ने टिकटॉक बैन के बाद भी खुद को साबित किया। डबस्मैश और सोशल मीडिया से शुरू होकर उन्होंने नई पहचान बनाई और फैंस के दिलों में जगह बनाई।
रियलिटी शो ‘द 50’ में कंटेस्टेंट मिस्टर फैसू ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव और मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे डबस्मैश और छोटे वीडियो क्लिप्स के जरिए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई और टिकॉक बैन के बावजूद खुद को दोबारा साबित किया।
पॉपुलैरिटी को लेकर मिली प्रतिक्रिया
शो में शाइनी दोशी, रिधिमा पंडित, मोनालिसा और रजत दलाल ने मिस्टर फैसू की पॉपुलैरिटी पर चर्चा की। शाइनी ने कहा कि उन्होंने एक वीडियो देखा जिसमें फैसू कार से उतरते हैं और लाखों लोग उन्हें देखकर चियर कर रहे थे। यह देखकर सब हैरान थे कि आखिर फैसू ने इतना फेम कैसे हासिल किया।
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डबस्मैश से सोशल मीडिया स्टार बनने तक का सफर
फैसू ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने डबस्मैश पर 15 सेकंड के वीडियो बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे उन्हें एक मिनट के वीडियो बनाने लगे। ये वीडियो फेसबुक और यूट्यूब पर पोस्ट किए गए, और छह महीनों में उनके यूट्यूब म्यूजिक वीडियो को 45 मिलियन व्यूज मिले। इससे उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म की ताकत समझ आई।
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टिकटॉक बैन और बड़ा झटका
फैसू ने बताया कि उनका प्लान था कि ऑडियंस हर तीसरे वीडियो में उन्हें देखे। उन्होंने करीब 7,500 वीडियो बनाए थे, लेकिन टिकटॉक बैन होने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उस समय वे भारत के नंबर वन और दुनिया में तीसरे सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले क्रिएटर थे, और उनके वीडियो पर 1 बिलियन लाइक्स थे। अकाउंट बंद होते ही उन्होंने अपने 20-22 मिलियन फैंस को इंस्टाग्राम पर शिफ्ट कर दिया।
ग्रूमिंग और नई शुरुआत
बाद में जिस कंपनी के साथ उन्होंने काम किया, उसने उनका पूरा साथ दिया। कंपनी के CEO ने उनकी काबिलियत को पहचाना और उन्हें ग्रूमिंग क्लासेस दी गईं, जिसमें बैठने, खाने और जेंटलमैन की तरह पेश आने की ट्रेनिंग शामिल थी। इस प्रक्रिया ने मिस्टर फैसू को बेहतर इंसान और प्रोफेशनल बना दिया। कठिन दौर के बाद उन्होंने फिर से खुद को साबित किया और अपनी नई पहचान बनाई।