राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और पराक्रम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आतंकवाद और देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
सेना के साहस और संकल्प की प्रशंसा
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारतीय सेना के अद्वितीय साहस, अनुशासन और पेशेवर क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
Operation Sindoor stands as a defining testament to India’s unwavering resolve against terrorism and all forces that threaten our sovereignty and the safety of our citizens. The extraordinary success of this Mission reflects the unmatched courage and determination of our Armed…
— President of India (@rashtrapatibhvn) May 7, 2026
आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
उन्होंने कहा कि भारत उन सभी ताकतों के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ा है जो देश की सुरक्षा और नागरिकों को खतरे में डालती हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने निर्णायक और सटीक जवाब दिया।
also read: रेलवे विकास को मिली बड़ी गति: 6 राज्यों में 23,437 करोड़…
ऑपरेशन सिंदूर का सैन्य पहलू
रिपोर्ट्स के अनुसार, 7 मई 2025 को शुरू किए गए इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई।
संघर्ष और युद्धविराम
ऑपरेशन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी। राष्ट्रपति ने कहा कि यह पूरा अभियान भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट उदाहरण है।