दिल्ली विधानसभा ने कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस FIR पर कड़ा रुख अपनाया, DGP को नोटिस भेजकर 28 जनवरी तक पूरी जांच रिपोर्ट मांगी।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज FIR मामले में कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस भेजकर 28 जनवरी 2026 तक FIR से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
यह FIR नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयान के वीडियो में कथित छेड़छाड़ के आरोप में दर्ज की गई थी, लेकिन दिल्ली विधानसभा की जांच में वीडियो को मूल रूप में सही पाया गया और छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई। मामला अब राजनीतिक और कानूनी रूप से काफी महत्वपूर्ण बन गया है।
विधानसभा ने कौन-कौन से दस्तावेज मांगे
विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस से FIR से संबंधित निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं:
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FIR दर्ज करने के आधार पर प्राप्त शिकायत पत्र और संबंधित संलग्नक
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FIR की प्रति
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पंजाब पुलिस की टेक्निकल सेल/सोशल मीडिया विशेषज्ञ की रिपोर्ट
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पंजाब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच रिपोर्ट
सचिवालय ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से जारी किया गया है।
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वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप
पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा दिए गए बयान के वीडियो को संपादित कर भ्रामक रूप में इंटरनेट पर साझा किया गया। हालांकि, दिल्ली विधानसभा की जांच में पाया गया कि वीडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और यह मूल रूप में सही है।
राजनीतिक और कानूनी आयाम
यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। एक ओर पंजाब पुलिस वीडियो छेड़छाड़ का आरोप लगा रही है, वहीं दिल्ली विधानसभा की जांच में इसे खारिज किया गया। अब दोनों पक्षों की रिपोर्ट और दस्तावेजों के आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
नोटिस भेजे जाने के बाद निगाहें अब पंजाब पुलिस पर हैं कि क्या वह तय समयसीमा के भीतर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएगी।