Hantavirus symptoms: हंतावायरस संक्रमण सामान्य फ्लू जैसा दिख सकता है लेकिन यह गंभीर फेफड़ों की बीमारी और मेडिकल इमरजेंसी बन सकता है। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।
Hantavirus symptoms: हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक संक्रमण है, जो शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसा लगता है। यही वजह है कि कई लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। हाल ही में दुनियाभर में इसके कुछ मामले सामने आए हैं, जिनमें मौतें भी दर्ज की गई हैं, जिससे इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।
शुरुआती लक्षण होते हैं बेहद सामान्य
विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस के शुरुआती लक्षण आम वायरल इंफेक्शन जैसे ही होते हैं, जैसे:
- बुखार
- थकान
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- ठंड लगना
- उल्टी और मतली
- पेट में परेशानी
इन्हीं सामान्य लक्षणों की वजह से लोग इसे फ्लू या मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
कैसे फैलता है हंतावायरस?
डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सामान्य संपर्क जैसे खांसने, छींकने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता।
यह मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृन्तकों (rodents) से फैलता है। इनके यूरिन, लार और मल में मौजूद वायरस जब सूखी धूल के साथ हवा में मिल जाता है, तो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। खासतौर पर बंद पड़े कमरे, गोदाम, खेत या स्टोर रूम की सफाई के दौरान संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
क्या यह जानलेवा हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह मेडिकल इमरजेंसी का रूप ले सकता है। कुछ मामलों में यह सांस लेने में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है, जिससे मरीज की स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती होती है। यदि बुखार और शरीर दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत मेडिकल जांच कराना जरूरी है।
बचाव कैसे करें?
- पुराने और बंद कमरों की सफाई करते समय मास्क पहनें
- धूल से सीधे संपर्क से बचें
- चूहों और कृन्तकों से दूरी रखें