हरियाणा सरकार ने “हरियाणा विजन 2047” के तहत राज्य को औद्योगिक विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
2030 तक MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती
इस विजन के तहत वर्ष 2030 तक एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने, लॉजिस्टिक्स सिस्टम को बेहतर बनाने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
“हरियाणा विजन 2047” के तहत राज्य को औद्योगिक विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार में अग्रणी बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है।
वर्ष 2030 तक एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने, लॉजिस्टिक्स सिस्टम को बेहतर बनाने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 29, 2026
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए 5,000 से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
उद्योग विभाग की पहल
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि यह रोडमैप हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकास और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सरकार का ध्यान सतत विकास (sustainable development), आधुनिक तकनीक और पर्यावरण-अनुकूल ढांचे को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे हरियाणा भविष्य में एक मॉडल औद्योगिक राज्य बन सके।