गुजरात में BJP की डर और दमन की राजनीति में AAP नेताओं और गरीब किसानों को जेल में डाल दिया गया। किसानों के परिवारों ने कहा – “गुजरात के भले के लिए तीन साल जेल कटे तो कटे।” जानें पूरी घटना और जनता की प्रतिक्रिया।
गुजरात में बीजेपी की डर और दमन की राजनीति के तहत आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं और गरीब किसानों को जेल में डाल दिया गया। इस दौरान 85 किसानों को जेल जाना पड़ा। बावजूद इसके, इन किसानों के परिवारों ने साहसिक प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर गुजरात के भले के लिए उन्हें तीन साल जेल में बिताने पड़ते हैं, तो इसके लिए वे तैयार हैं।
📍વડોદરા
ભાજપે પોતાની ભય અને અત્યાચારની રાજનીતિના દમ પર AAP ના નેતાઓ અને ગરીબ ખેડૂતોને જેલમાં મોકલ્યા, જ્યારે 85 ખેડૂતો જેલમાં ગયા ત્યારે તેમના પરિવારોએ કીધું કે ગુજરાતના ભલા માટે 3 વર્ષ પણ જેલમાં રહેવું પડશે તો રહીશું.@ArvindKejriwal pic.twitter.com/NiFRUzQKcU
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) January 19, 2026
किसानों और AAP नेताओं के संघर्ष ने गुजरात की राजनीति में जनता की आवाज को मजबूती दी है। BJP सरकार के दमन और भय के तरीकों के बावजूद, जनता और किसानों की हिम्मत ने यह संदेश दिया कि न्याय और विकास के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
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आम आदमी पार्टी का कहना है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा गरीबों और किसानों की भलाई रही है और वे किसी भी तरह की अन्यायपूर्ण दमन नीतियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएंगे। किसान और पार्टी कार्यकर्ता लगातार यह साबित कर रहे हैं कि डर और दमन से जनता को रोकना संभव नहीं है।
इस घटना ने गुजरात में आगामी चुनावों की दिशा पर भी सवाल उठाए हैं और यह दिखाया है कि जनता अपने अधिकारों और भविष्य के लिए लड़ने के लिए तैयार है।