गोपाल राय: जब तक गुजरात के किसानों, युवाओं, गरीबों, महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक AAP आवाज उठाएगी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी को खंभालिया पुलिस ने हिरासत में लिया। इस मामले में आम आदमी पार्टी गुजरात के प्रभारी गोपाल राय ने पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवीजी को भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आदेश पर खंभालिया पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। सवाल यह है कि उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई? कल खंभालिया में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता को पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उठाकर पुलिस स्टेशन में रखा था। आज इसुदान गढवीजी उस कार्यकर्ता से मिलने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन कार्यकर्ता से मिलने देने के बजाय पुलिस ने इसुदान गढवी को ही हिरासत में ले लिया। उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस द्वारा कस्टडी में लिया गया था। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को आम आदमी पार्टी से इतना डर क्यों है? एक जनप्रतिनिधि अपने कार्यकर्ता से मिलने जाए और उसे ही गिरफ्तार कर लिया जाए, यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है।
आम आदमी पार्टी इस कार्रवाई का कड़े शब्दों में विरोध करती है और इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई मानती है। विधायक चैतर वसावा की गिरफ्तारी से लेकर इसुदान गढवी की गिरफ्तारी तक पूरे राज्य में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों की सूची सुबह-शाम, दिन-रात बढ़ती जा रही है। अब तक आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस द्वारा भाजपा के इशारे पर और उसके दबाव में की गई कार्रवाई का आंकड़ा 162 तक पहुंच गया है। कभी उनके खिलाफ दमन और अत्याचार किए गए हैं और उन्हें जेल में डाला गया है। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी को लगता था कि तीस साल के शासन में हमने कांग्रेस को खत्म कर दिया है और कांग्रेस का कोई नेता आवाज नहीं उठा सकता। कांग्रेस पार्टी की चुप्पी से भाजपा का अहंकार और मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया था। इसी दौरान विधानसभा चुनाव आए और उसमें आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की। सत्ता की पूरी ताकत, मंत्रियों, चेयरमैन और पैसे का जोर लगाने के बाद भी गुजरात की जनता, किसानों और लोगों ने आम आदमी पार्टी को जिताया। इसके बाद से भाजपा में एक डर का माहौल देखने को मिल रहा है कि आम आदमी पार्टी अब गुजरात में किसानों, आदिवासियों, दलितों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और पशुपालकों सहित सभी वर्गों की आवाज बन रही है। जब चैतर वसावा ने सरकार के भ्रष्टाचार और मंत्रियों के भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए तब उन्हें फर्जी केस में फंसाकर गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया और वे तीन महीने तक जेल में रहे।
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गोपाल राय ने आगे कहा कि जब बोटाद में किसानों की कड़दा प्रथा के खिलाफ और किसानों के अधिकारों के लिए आम आदमी पार्टी ने आवाज उठाई, तब इस सरकार ने 85 किसानों को उठाकर जेल में डाल दिया। सवा चार महीने तक कई नेता जेल के अंदर रहे। इसके बाद ड्रग्स और नशे के मुद्दे पर पूरा गुजरात बर्बाद हो रहा है। हमने कुछ दिन पहले खबरों में देखा कि विधानसभा में सरकार ने जवाब दिया कि पकड़े गए ड्रग्स का क्या हुआ तो कहा गया कि दो हजार किलो ड्रग्स चूहे खा गए। हकीकत में चूहे नहीं बल्कि उनके दलाल यह सब खा जाते हैं और इस अवैध धंधे के जरिए गुजरात के युवाओं और छात्रों तक ड्रग्स पहुंचाया जाता है। कल खबर आई कि सुरेंद्रनगर में 29 किलो अफीम वाष्पीकरण हो गया, लेकिन हकीकत में वह हवा में नहीं उड़ा बल्कि यहां के युवाओं और छात्रों की नसों में पहुंचा दिया गया है। कच्छ में आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी ने अवैध शराब के धंधे के खिलाफ आवाज उठाई तो उन्हें ही जेल में डाल दिया गया, जिन्होंने पुलिस को बुलाकर छापा डलवाया था, जबकि अवैध धंधा चलाने वाले खुलेआम घूमते रहे। आम आदमी पार्टी के युवा अध्यक्ष ब्रिजराज सोलंकी जब ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सूरत जा रहे थे, तब रास्ते में उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। आज किसानों, आदिवासियों, पशुपालकों, युवाओं, छात्रों और अन्याय के शिकार हर वर्ग की आवाज के रूप में आम आदमी पार्टी खड़ी हो रही है। गुजरात के हर स्तर के पीड़ित और शोषित लोगों के लिए आम आदमी पार्टी लड़ रही है और यही बात भारतीय जनता पार्टी को डराने लगी है। स्थानीय स्वराज की चुनाव नजदीक आते ही यह डर और स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि अगर आम आदमी पार्टी जीतती है तो आज उठ रही आवाज आने वाले समय में दोगुनी ताकत से उठेगी और तीस साल से चल रही सत्ता को उखाड़ फेंकेगी।