कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 30-40% कैंसर के केस असंतुलित आहार, तंबाकू, शराब, शारीरिक निष्क्रियता और मोटापे से जुड़े हैं। लेकिन क्या सिर्फ ज्यादा चीनी खाने से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है?
ज्यादा चीनी खाने और कैंसर का संबंध
अध्ययनों से पता चला है कि शुगर का अत्यधिक सेवन डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर चीनी को कैंसर का कारण नहीं कहा जा सकता।
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डॉ. जयेश शर्मा, वरिष्ठ कैंसर सर्जन, कहते हैं कि चीनी केवल तब खतरा बनती है जब इसका सेवन अत्यधिक हो। ज्यादा चीनी खाने से इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जो ग्रोथ और सेल डिवीजन में योगदान करता है। इंसुलिन का बढ़ा हुआ स्तर कैंसर की कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
इसके अलावा, पेट की अतिरिक्त चर्बी और लिक्विड शुगर (जैसे कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड जूस) शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ा सकते हैं, जो कई गंभीर बीमारियों और कैंसर के लिए जोखिम बढ़ाता है।
क्या करें और क्या बचें?
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चीनी की मात्रा सीमित करें: दिनभर की कैलोरी का केवल 10% से कम शुगर वाले पदार्थ से लें।
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फाइबर बढ़ाएं: फाइबर शुगर के अवशोषण और इंसुलिन स्पाइक को कम करता है, जिससे कैंसर का खतरा भी घटता है।
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लिक्विड शुगर कम लें: कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक सीमित मात्रा में ही लें।
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चाय में कम चीनी: बिना चीनी वाली चाय स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।