उत्तराखंड में वर्ष 2000 से 2024 तक वन्यजीव हमलों में 1221 लोगों की मौत और 6123 लोग घायल हो चुके हैं। प्रदेश में हाल ही में भी कई वन्यजीव हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्यजीव हमलों में जान गंवाने वाले परिवारों के लिए राहत राशि बढ़ाने की घोषणा की है। अब मृतकों के परिजनों को छह लाख की जगह 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
यह घोषणा मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून स्थित चिड़ियाघर में वाइल्डलाइफ वीक के उद्घाटन के दौरान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है, जिससे लोगों की जान जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। खासकर बाघ, तेंदुआ, भालू और हाथी जैसे जानवर आबादी वाले इलाकों में ज्यादा देखे जा रहे हैं, जो खतरा बनते जा रहे हैं।
वन विभाग ने इस वर्ष अगस्त में सरकार को पत्र लिखकर मुआवजा राशि बढ़ाने का अनुरोध किया था। पत्र में अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार और उड़ीसा में भी वन्यजीव हमलों में मृतकों के परिवारों को अधिक मुआवजा दिए जाने का उल्लेख था।
उत्तराखंड सरकार की यह राहत राशि वृद्धि वन्यजीव हमलों से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक मदद के रूप में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।