प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के पहले दिन ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश की घोषणा हुई। केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उद्योग-अनुकूल नीतियों, सिंगल विंडो सिस्टम और रोजगार सृजन पर जोर दिया।
मोहाली में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। सम्मेलन के पहले दिन ही ₹10,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जबकि कई प्रमुख औद्योगिक समूहों ने राज्य में विस्तार योजनाओं की घोषणा की। उद्योग जगत के दिग्गजों ने पंजाब की निवेश-अनुकूल नीतियों और सुधारों की सराहना की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग दे रही है ताकि वे वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से चीन से प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने बताया कि राज्य में बनाए गए अनुकूल कारोबारी माहौल के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हुआ है और निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि वर्षों से देश की व्यवस्था ऐसी रही, जिससे उद्यमियों को आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वर्तमान सरकार का उद्देश्य एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिसमें उद्योग बिना किसी बाधा के कार्य कर सकें और तेजी से विकास कर सकें।
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उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई 45 दिनों की सिंगल विंडो मंजूरी प्रणाली का उल्लेख किया। इस प्रणाली के तहत उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और 45 दिनों के भीतर मंजूरी मिल जाती है। यदि निर्धारित समय में स्वीकृति नहीं मिलती, तो 46वें दिन प्रणाली स्वतः मंजूरी प्रदान कर देती है। इस पहल का उद्देश्य देरी और भ्रष्टाचार को समाप्त करना तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में किए गए सुधारों को औद्योगिक विकास का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने कम समय में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। साथ ही, बेहतर सरकारी अस्पतालों और ₹10 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा योजना ने नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि एचएमईएल, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू ग्रुप, ट्राइडेंट ग्रुप और हीरो इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों ने राज्य में विस्तार की योजनाएं घोषित की हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में ₹1.58 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 5.5 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य पंजाब को एक मजबूत औद्योगिक हब बनाना है, साथ ही युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निवेशकों को पारदर्शी प्रशासन, बेहतर बुनियादी ढांचे और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से पंजाब के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से “रंगला पंजाब” का सपना साकार होगा और राज्य वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में और मजबूत पहचान बनाएगा।