प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के घर पोंगल समारोह में हिस्सा लिया, गौसेवा की और तमिल परंपराओं के उत्सव पोंगल पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दी और गौसेवा भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को मकर संक्रांति, भोगाली बिहू और पोंगल के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए पोंगल को तमिल परंपराओं की समृद्धि और कृषि जीवन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह पर्व प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाने का मार्ग दिखाता है। आप सभी के साथ इसे मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
पोंगल: प्रकृति, परिवार और समाज का उत्सव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल को एक वैश्विक त्योहार बताते हुए कहा कि तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि पोंगल अन्न देने वाले किसानों, धरती और सूर्य की मेहनत के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र में लिखा कि फसल से जुड़े ये पर्व आशा, सकारात्मकता और कृतज्ञता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति और पोंगल देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाए जाते हैं, लेकिन इसके पीछे की भावना और उत्साह सभी जगह समान हैं।
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किसानों के योगदान को किया सलाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पर्व किसानों के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के लिए शांति, स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। भोगाली बिहू पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह असम की संस्कृति का प्रतीक है और फसल कटाई के मौसम की खुशी को दर्शाता है। यह पर्व संतोष, आनंद और भाईचारे का उत्सव है।
पोंगल पर ‘वनक्कम’ और तमिल परंपराओं की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल के अवसर पर लोगों को ‘वनक्कम’ कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि पोंगल मानव श्रम और प्रकृति के बीच गहरे रिश्ते की याद दिलाता है, यह कृषि, ग्रामीण जीवन और श्रम की गरिमा का उत्सव है। यह पर्व परिवारों और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करता है। पीएम मोदी ने तमिल भाषा और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत को तमिल भाषा की प्राचीनता और समृद्ध संस्कृति पर गर्व है।
देशभर में फसल पर्वों की रौनक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भोगाली बिहू, पोंगल, मकर संक्रांति, उत्तरायण और लोहड़ी पूरे देश में अलग-अलग परंपराओं और उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं। उत्तर भारत में लोहड़ी को अलाव, पारंपरिक व्यंजन और लोक गीतों के साथ मनाया जाता है, जो ठंड के मौसम में उत्साह और गर्मजोशी लाता है।