राष्ट्रीय सुरक्षा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन पर संसदीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, अवसंरचना और रक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा, अवसंरचना विकास और परिचालन तत्परता को मजबूत करने वाली पहलों पर चर्चा करना था।
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद ट्विटर पर कहा कि बैठक में रणनीतिक पहलों, रक्षा तत्परता और अवसंरचना विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।
Chaired the Parliamentary Consultative Committee meeting today on the subject of Border Roads Organisation.
Comprehensive and insightful deliberations were held on important issues pertaining to defence, infrastructure development and ongoing strategic initiatives aimed at… pic.twitter.com/XB7Iy8F4GH
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 25, 2026
इससे पहले, मंगलवार को रक्षा मंत्री ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाओं के मद्देनजर भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, DRDO अध्यक्ष समीर कामत और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
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पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और भारत पर प्रभाव
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले व्यापार मार्ग बाधित हो गए हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
ईरान ने इस कार्रवाई के जवाब में खाड़ी देशों में अमेरिकी और इज़राइली संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति और इसके भारत पर संभावित प्रभाव पर ध्यान दिलाया। उन्होंने इसे “चिंताजनक” बताया और युद्धग्रस्त क्षेत्र के देशों के साथ भारत के व्यापारिक और ऊर्जा संबंधों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश की अधिकांश तेल और गैस की आवश्यकताएं इसी क्षेत्र से पूरी होती हैं, जो भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर में LCH प्रचंड पर उड़ान भरी, वायुशक्ति-26 अभ्यास का लिया अवलोकन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर में स्वदेशी LCH प्रचंड हेलीकॉप्टर पर उड़ान भरी और वायुशक्ति-26 अभ्यास का अवलोकन किया। भारतीय वायु सेना ने लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ अपनी ताकत और रणनीतिक क्षमता दिखाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के जैसलमेर में स्वदेशी रूप से विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड पर उड़ान भरी। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे और द्वितीय लेफ्टिनेंट कमांडर यूनिट के साथ उड़ान में शामिल हुए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समय भारतीय वायु सेना के वायुशक्ति-26 अभ्यास का अवलोकन करने जैसलमेर में हैं। यह अभ्यास पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में 27 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय वायु सेना अपनी संपूर्ण क्षमता का प्रदर्शन कर रही है।
President Droupadi Murmu undertook a sortie in the indigenous Light Combat Helicopter Prachand at Air Force Station Jaisalmer, Rajasthan. The President said that we are extremely proud of our country’s brave air warriors. She described LCH Prachand as a powerful symbol of… pic.twitter.com/AbtCgBkLWi
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 27, 2026
भारतीय वायु सेना की अद्वितीय क्षमता
वायुशक्ति-26 अभ्यास में भारतीय वायु सेना ने अपनी तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया, परिचालन प्रभुत्व और रणनीतिक अभियानों में निर्णायक क्षमता का प्रदर्शन किया। यह अभ्यास यह भी दर्शाता है कि भारतीय वायु सेना देश के भीतर और सीमाओं पर त्वरित हवाई सहायता, बचाव और निकासी, तथा मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन
इस अभ्यास में विभिन्न लड़ाकू, परिवहन और हेलीकॉप्टर विमानों का उपयोग किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- राफेल, सुखोई Su-30MKI, HAL तेजस, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर
- बोइंग अपाचे, बोइंग चिनूक, मि-17 IV, चेतक, एएलएच एमके-IV
- सी-130जे, सी-295, सी-17
लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH), और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA)
इसमें उन्नत हथियार प्रणालियों जैसे शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग मुनिशन्स (SRLM), आकाश, स्पाइडर और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) का भी प्रयोग किया गया। यह अभ्यास दिन, शाम और रात के मिशनों के माध्यम से किया गया।
सटीक निशाना और रणनीतिक अभियानों में दक्षता
राफेल, सुखोई Su-30MKI, HAL तेजस और मिराज 2000 जैसे विमान दुश्मन के बंकरों, रनवे और कमांड केंद्रों को सटीक बम और मिसाइल से निशाना बनाएंगे। अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर रॉकेट और तोप का प्रयोग कर घायलों को निकालने और युद्धक्षेत्र में उपकरण पहुंचाने का अभ्यास करेंगे।
“ऑपरेशन सिंदूर” में भारत की श्रेष्ठता
वायुशक्ति-26 अभ्यास, ऑपरेशन सिंदूर के तहत, लंबी दूरी के सटीक निशाने, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और स्वदेशी प्लेटफार्मों के उपयोग से भारत की हवाई श्रेष्ठता और “आत्मनिर्भर भारत” की क्षमता प्रदर्शित करता है।
अभ्यास का उद्देश्य
यह अभ्यास भारतीय वायु सेना की राष्ट्रीय सुरक्षा में भूमिका को मजबूत करता है और देश को आश्वस्त करता है कि भारतीय वायु सेना “अचूक, अभेद्य और सटीक” मूल्यों के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में वायुसेना प्रदर्शन के दौरान भारतीय सेना की बहादुरी और देशभक्ति की सराहना की। युवा प्रेरणा और राष्ट्रीय गर्व बढ़ाने पर जोर।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता, साहस और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को बड़े गर्व के साथ सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, विशेष रूप से भारतीय वायुसेना की प्रदर्शन टीमों ने जनता में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत किया है। यह बयान उन्होंने हाल ही में जयपुर में आयोजित वायुसेना प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिया।
जयपुर में वायुसेना प्रदर्शन का कार्यक्रम
जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। आसमान में बने दिल, तिरंगा और अन्य जटिल आकृतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। सीएम भजनलाल शर्मा ने इन अभियानों और पायलटों के कौशल की खुले दिल से प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन वायुसेना टीमों के करतब न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में सेना के प्रति गर्व की भावना को बढ़ाते हैं। उन्होंने जयपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में इस प्रकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम के आयोजन को भी सकारात्मक संकेत बताया।
सेना की ताकत और जनता का सम्मान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय लोगों की मदद भी करते हैं। उन्होंने बताया कि आज देश के लोग अपनी सेना को परिवार की तरह मानते हैं और उनके बलिदान और साहस का सम्मान करते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और उन्हें सेना में शामिल होने या देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और गर्व लगातार बढ़ रहा है।
राजस्थान में युद्ध दिवस परेड की यादें
हाल ही में 78वें आर्मी डे परेड में सीएम ने सशस्त्र बलों को सम्मानित किया और उनके शौर्य को याद किया। इस परेड ने जनता और जवानों के बीच भावनात्मक रिश्तों को और मजबूत किया।
युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय भावना का विकास
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी में सेना के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना विकसित होती है। इससे युवा जीवन के हर क्षेत्र में देश की सेवा के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और समाज की सुरक्षा दोनों मजबूत होती हैं।
बजट सत्र 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण, भारत के विकास और सुरक्षा के लक्ष्यों पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 में भारत की आर्थिक प्रगति, सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
संसद के बजट सत्र 2026 के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर का हवाला देते हुए कहा कि “आजादी तब तक अधूरी है जब तक आत्मनिर्भर जीवन नहीं जिया जाए।”
पिछले दशक में आर्थिक प्रगति
राष्ट्रपति मुर्मू ने बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि महंगाई दर को नियंत्रित रखा गया है और इसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग और गरीबों को मिला है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।
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आतंकवाद और माओवादी खतरे का सफाया
राष्ट्रपति ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की सराहना की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने की सफलता बताई। माओवादियों पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई है, जिससे प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर 8 रह गई है। 2,000 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, और आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना अब दूर नहीं।
विकास और बुनियादी ढांचा
राष्ट्रपति मुर्मू ने सरकार के विकास लक्ष्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सोलर ऊर्जा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, 20 लाख सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,200 से अधिक राजमार्ग बन चुके हैं और रेलवे में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। आदिवासी क्षेत्रों में 20,000 से अधिक गांवों को विकास से जोड़ा गया है। SC छात्रों को 42,000 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खुशहाल किसान भारत के विकास का आधार है।
कृषि, मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग
राष्ट्रपति ने पीएम किसान सम्मान निधि का उल्लेख किया, जिससे अब तक 4 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। ऑयलसीड फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन में वृद्धि हुई है। मत्स्य उत्पादन 105% बढ़ा और देश में फूड प्रोसेसिंग क्षमता 20% बढ़ी है।
महिलाओं के लिए योजनाएं और सशक्तिकरण
राष्ट्रपति ने महिलाओं के लिए सरकार की विशेष योजनाओं पर जोर दिया। अब तक 10 करोड़ महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़ा गया है। 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 60 लाख महिलाएं लाखपति बनी हैं। इसके अलावा ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में तेजी ला रही हैं।
दिल्ली में हुए कार विस्फोट के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात दौरा रद्द किया। जानिए इस दौरे के रद्द होने की वजह और क्या था उनका अहमदाबाद और मेहसाणा में कार्यक्रम।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गुजरात में 13 नवंबर को निर्धारित दौरा रद्द कर दिया गया है। भाजपा पदाधिकारियों ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। हालांकि, दौरे रद्द करने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि शाह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए कार विस्फोट के बाद की स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं।
अमित शाह का गुजरात दौरा अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट इवेंट सेंटर में आयोजित होने वाले ‘‘अहमदाबाद फूड फेस्टिवल’’ और ‘‘अहमदाबाद इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल 2025’’ के उद्घाटन से जुड़ा था। इसके अलावा, शाह को मेहसाणा में दूधसागर डेरी के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल होना था, लेकिन इस दौरे को भी रद्द कर दिया गया।
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भाजपा नेता और गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के प्रवक्ता बिमल जोशी ने बताया कि अब केंद्रीय मंत्री अमित शाह बोरियावी में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली में सोमवार शाम को लाल किला के पास एक कार में हुआ भयानक विस्फोट, जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद अमित शाह ने घटनास्थल का दौरा किया और मंगलवार को दिल्ली तथा देशभर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
इस बीच, शाह के गुजरात दौरे को रद्द करने से यह भी साफ है कि केंद्रीय मंत्री दिल्ली की सुरक्षा स्थिति को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस समय राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।