हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल मुआवजे के धोखाधड़ी के मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। यह धोखाधड़ी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर एक ही फोटो कई बार अपलोड करने से जुड़ी थी, जिसके जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मुख्यमंत्री ने इस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके तहत छह पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित पटवारी जुई खुर्द (भिवानी), बोरीपुर (कुरुक्षेत्र), कालवन (जींद), जंडवाला (फतेहाबाद), पटौदी (गुरुग्राम) और निमली (दादरी) से हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र किसान तक सहायता पहुंचे, बिना किसी भेदभाव के। उन्होंने निर्देश दिए कि जो किसान वास्तविक रूप से फसल नुकसान झेल चुके हैं, उन्हें समय पर मुआवजा दिया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले एक सप्ताह में मुआवजा जारी किया जाए। मानसून के दौरान अधिक बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए पहले ही निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के आदेश दिए गए थे। धोखाधड़ी और रिपोर्टिंग में देरी पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
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बैठक में यह भी बताया गया कि कई स्थानों पर जहां नुकसान नहीं हुआ, वहां भी पटवारियों ने गलत रिपोर्टिंग की। इसके अलावा, एक ही फसल नुकसान की फोटो को कई बार अपलोड करने का प्रयास सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा को निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्तों से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त की जाए और प्रभावित किसानों को एक सप्ताह के भीतर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बजट घोषणाओं और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए इसे जल्द पूरा करने के लिए भी आदेश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।