उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा की। रविवार, 28 दिसंबर की शाम, उन्होंने मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक की और खिचड़ी मेला को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि यह आयोजन हर किसी के लिए सुरक्षित और सुखद अनुभव बन सके।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन सुविधाओं का ध्यान
सीएम योगी ने कहा कि खिचड़ी मेला न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार, नेपाल और अन्य देशों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। इस दृष्टिकोण से, श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं और व्यवस्थाएं प्रदान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह मेला गोरखपुर के विकास और ब्रांडिंग का भी महत्वपूर्ण अवसर है, और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मेले में आने वाले श्रद्धालु गोरखपुर की सकारात्मक छवि लेकर जाएं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, और सुदृढ़ सड़कों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा, शौचालय, साफ-सफाई, अलाव और रैन बसेरों में आवास की सुविधा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोए, और उसे निकट के रैन बसेरों में सम्मानपूर्वक ठहराया जाए। रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल और सफाई की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस सुरक्षा और सतर्कता पर ध्यान केंद्रित
मुख्यमंत्री ने पुलिस को सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वाहन पार्किंग स्थल में उचित व्यवस्था होनी चाहिए और स्टैंड्स पर प्रकाश और सफाई की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
खिचड़ी मेला के लिए परिवहन व्यवस्था की विशेष योजना
सीएम योगी ने खिचड़ी मेला के लिए श्रद्धालुओं को गांव-गांव तक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया। उन्होंने रेलवे से मेला स्पेशल ट्रेनों के संचलन की योजना बनाने की बात की और इसकी जानकारी का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
समग्र रूप से बेहतर व्यवस्थाओं का संकल्प
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि खिचड़ी मेला में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे इस धार्मिक आयोजन का भरपूर लाभ उठा सकें। उनके अनुसार, गोरखनाथ मंदिर में होने वाले इस मेले को एक आदर्श आयोजन बनाना है, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी सफल हो।