वीर बाल दिवस 2025 पर भारत मंडपम में PM मोदी ने बच्चों को संबोधित किया, साहिबजादों के बलिदान की याद दिलाई और युवा प्रतिभाओं को प्रेरित किया।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 26 दिसंबर 2025 को वीर बाल दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने शिरकत की और बच्चों को संबोधित करते हुए भारत के गौरवशाली इतिहास और साहिबजादों के बलिदान की याद दिलाई।
साहिबजादों का बलिदान और प्रेरणा
पीएम मोदी ने कहा, “साहिबजादों का बलिदान हम सबके लिए प्रेरणा है। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके। उनका साहस और अदम्य जज्बा आज भी हमें देशभक्ति और वीरता का संदेश देता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास हमें यह सिखाता है कि हमारे देश के पास असीम संभावनाएँ हैं।
क्रूर मुगलों के सामने साहिबजादे की वीरता
प्रधानमंत्री ने कहा, “वीर साहिबजादे उस समय केवल छोटे बच्चे थे, फिर भी उन्होंने औरंगजेब की क्रूर सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े रहकर मजहबी कट्टरता और आतंक का मुकाबला किया। यह लड़ाई भारत के मूल विचारों और अत्याचार के खिलाफ थी।”
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GenZ और देश का भविष्य
पीएम मोदी ने युवा पीढ़ी GenZ पर भरोसा जताया और कहा, “आज का युवा देश को आगे ले जाएगा। उम्र केवल संख्या है, कम उम्र में भी बड़े काम किए जा सकते हैं। युवा सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करते हैं। 2035 तक देश गुलामी की मानसिकता से मुक्त होगा।”
वीर बाल दिवस पर बच्चों को सम्मानित किया
भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। ये बच्चे भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए।
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14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे टूर्नामेंट के कारण दिल्ली में उपस्थित नहीं थे।
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बॉर्डर पर जवानों को मदद देने वाले श्रवण सिंह जैसे बहादुर बच्चे भी पुरस्कार में शामिल थे।
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2 बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया, जिनमें तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार शामिल हैं।
पीएम मोदी ने सभी बच्चों को यह संदेश दिया कि देश के लिए योगदान देने में उम्र कोई बाधा नहीं है और हर बच्चा अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा कर सकता है।