हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पशुपालन को आधुनिक और लाभदायक बनाने की पहल की, 106 करोड़ बीमा दावे और 2.20 लाख ऋण कार्ड स्वीकृत।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पशुपालन को आधुनिक, लाभदायक और टिकाऊ बनाना है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने यह बात 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के तीसरे दिन सभा को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पशुधन क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार गांव-गांव तक पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है, उन्नत नस्ल सुधार को बढ़ावा दे रही है और दुग्ध संग्रहण एवं विपणन प्रणाली को मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में प्रति व्यक्ति दैनिक दूध की उपलब्धता 1,128 ग्राम तक पहुंच गई है, जो किसानों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया, नस्लों का अवलोकन किया और किसानों से बातचीत की। उन्होंने शीर्ष स्थान प्राप्त किसानों को सम्मानित किया और एक देसी गाय को गुड़ खिलाकर आशीर्वाद लिया।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 22 लाख ऋण कार्ड स्वीकृत किए गए हैं और लगभग 3,449 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। राज्य में 14,000 से अधिक अत्याधुनिक और लघु दुग्धशालाएं स्थापित की गई हैं, जिसमें अनुसूचित जाति और महिला किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी और ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है।
किसानों को जोखिम से बचाने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 15.33 लाख पशुओं का बीमा कराया गया है, और अब तक लगभग 106 करोड़ रुपये के बीमा दावे का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा हरियाणा में 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां, लगभग 3,000 पशु चिकित्सा संस्थान और ब्रुसेलोसिस उन्मूलन अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा, “स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित हरियाणा और विकसित भारत की नींव हैं।”