Friday, September 4, 2026

मंत्री श्याम राणा: हरियाणा की स्वदेशी गाय की नस्ल आज भी बना रही राज्य का गौरव

by Neha
मंत्री श्याम राणा: हरियाणा की स्वदेशी गाय की नस्ल आज भी बना रही राज्य का गौरव

हरियाणा की स्वदेशी गाय की नस्ल हजारों साल पुरानी और पौष्टिक दूध देने वाली है। राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 150 हरियाणा नस्ल की गायों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए हरियाणा के पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा की स्वदेशी गाय की नस्ल हजारों साल पुरानी है और इसका उल्लेख वेदों और पुराणों में भी मिलता है। मंत्री राणा ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण को भी हरियाणा की नस्ल की गाय बहुत प्रिय थी और आज यह नस्ल राज्य का गौरव बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदर्शनी का उद्घाटन हरियाणा नस्ल की गाय की विधिवत पूजा करके किया।

राज्य में पशुपालन विभाग के अनुसार, वर्तमान में लगभग 8 लाख हरियाणा नस्ल की गायों का पालन किया जा रहा है। 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में पशुपालकों ने 150 हरियाणा नस्ल की गायों को प्रदर्शित किया, जिसने आम दर्शकों और किसानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मंत्री श्याम राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य हरियाणा, राठी, गिर, बिलाही और थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्लों के संरक्षण के साथ-साथ पशुपालकों को बेहतर अवसर प्रदान करना है। हरियाणा नस्ल की गायों का दूध अन्य स्वदेशी नस्लों की तुलना में अधिक पौष्टिक होता है और इसमें केवल 3-4 प्रतिशत वसा होती है, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए लाभकारी है।

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पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. अनिल बनवाला ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गाय प्राचीन काल से राज्य में पाई जाती रही है और इसकी कीमत 40,000 रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक हो सकती है। यह नस्ल अनोखी चपलता की वजह से जानी जाती है और बिना छुए 6 फुट ऊंची दीवार भी फांद सकती है।

इसके अलावा, सरकार ने अधिक दूध देने वाली हरियाणा नस्ल की गायों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 5 से 15 किलोग्राम दूध देने वाली गायों को 5,000 से 40,000 रुपये तक नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। पशुपालक इस योजना के लिए निर्धारित पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं और दूध उत्पादन मापने के बाद औसत के आधार पर प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. बनवाला ने यह भी बताया कि हरियाणा नस्ल की गाय कम पानी पीती है और इसे स्वच्छ वातावरण में रखने की आवश्यकता होती है। कीचड़ या जलभराव वाले क्षेत्रों में यह नस्ल नहीं बैठना पसंद करती।

41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जहां ऊंट, घोड़े, बैल, बकरी और भैंस ने रैंप पर लोगों का दिल जीता, वहीं हरियाणा नस्ल की गाय ने अपनी विशिष्टता और चपलता से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

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