दीपावली के बाद दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण। सरकार ने क्लाउड सीडिंग व आर्टिफिशियल रेन की तैयारी शुरू की, मौसम सुधार और राहत की उम्मीद।
दीपावली के बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। राजधानी में स्मॉग, कोहरा और PM 2.5 प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इस बीच, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने और मौसम सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें क्लाउड सीडिंग (Artificial Rain) प्रमुख रणनीति के रूप में सामने आ रही है।
वाहन, निर्माण और उद्योगों पर नजर
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए तीन मुख्य स्तंभों पर काम शुरू कर दिया है: वाहन प्रदूषण नियंत्रण, निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, उद्योगों पर निगरानी उन्होंने कहा कि दिल्ली के भीतर और इसके 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित नोएडा, गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों का भी दिल्ली के AQI पर असर पड़ता है। इसलिए सरकार एक एकीकृत योजना पर काम कर रही है।
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क्लाउड सीडिंग से होगी कृत्रिम बारिश
मंत्री सिरसा ने जानकारी दी कि क्लाउड सीडिंग तकनीक से आर्टिफिशियल रेन कराने की योजना पर काम चल रहा है। जैसे ही यह प्रक्रिया शुरू होगी और बारिश होगी, राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार आने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक दिल्ली के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
वॉर रूम से हो रही 24×7 मॉनिटरिंग
दिल्ली सरकार ने एक ‘वॉर रूम’ स्थापित किया है, जहां से हर गतिविधि की निरंतर निगरानी की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समय पर जरूरी कार्रवाई हो और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी साबित हों।
दीपावली के बाद मौसम पर विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि दीवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर आमतौर पर बढ़ जाता है, इसलिए इस समय एंटी-पॉल्यूशन एक्शन और मौसम सुधार के उपायों की सख्त जरूरत होती है। सरकार की रणनीति और नागरिकों के सहयोग से ही इस चुनौती का समाधान संभव है।
नागरिकों से भी सहयोग की अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
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वाहन उपयोग कम करें
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निर्माण कार्यों में सावधानी बरतें
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सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें
इस सामूहिक प्रयास से ही दिल्ली की हवा को फिर से साफ और सांस लेने योग्य बनाया जा सकता है।