हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा, जनता से झूठी राजनीति को नकारने और विकास व सुशासन को प्राथमिकता देने की अपील की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश और राज्यों को अनुभवी, जिम्मेदार और जनकल्याणकारी शासन की आवश्यकता है। उनका कहना था कि राजनीति केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा का जरिया होना चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लुधियाना जिले के समराला में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने सत्ता की खोज तक ही राजनीति को सीमित कर दिया है। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील की कि वे अन्याय और झूठ की राजनीति को त्यागकर विकास, ईमानदारी और राष्ट्रीय हित पर आधारित सुशासन को प्रोत्साहित करें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा मॉडल पूरे देश में सुशासन की मिसाल बन सकता है और यदि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनती है, तो हरियाणा में लागू सभी योजनाओं का लाभ पंजाब की जनता को भी मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि चाहे पहले कांग्रेस की सरकार रही हो या वर्तमान आम आदमी पार्टी की, दोनों ही पंजाब की जनता को किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही हैं। इसके विपरीत, हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने विधानसभा चुनावों में किए गए 217 वादों में से केवल एक साल के भीतर 54 वादों को पूरा किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि हाल ही में राज्य में आई बाढ़ के दौरान पशुधन और फसल नुकसान के लिए कितनी राहत राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों और प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा दिया है।
मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा, “चुटकुलों से पेट नहीं भरता,” और कहा कि चार साल बीत गए, लेकिन पंजाब में कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को 2,500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ, जबकि हरियाणा सरकार वरिष्ठ नागरिकों को 3,200 रुपये का सम्मान भत्ता प्रदान कर रही है।
सैनी ने जनता से आग्रह किया कि वे झूठ बोलकर वोट मांगने वालों को सत्ता से बाहर करें और विकास, ईमानदारी और जनता के हित को प्राथमिकता दें।