विधानसभा में हुए प्रश्नोत्तरी के मामले में मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि आज गुजरात विधानसभा के सत्र में 18 मार्च 2026 के दिन तारांकित प्रश्न क्रमांक 165 के माध्यम से मैंने सरकार से सवाल पूछा था। हालांकि समय के अभाव के कारण मेरा प्रश्न चर्चा में नहीं आ सका, इसलिए सदन के भीतर खड़े होकर इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हो सकी। लेकिन सरकार की ओर से मिले जवाब पर मैं गुजरात की जनता का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि उनके प्रश्न का विषय कृषि उपज बाजार समिति (मार्केटिंग यार्ड) में किसानों के साथ होने वाले भावफेर (आपात स्थिति में “कडदा”) से संबंधित था। उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार इस मामले से अवगत है या नहीं। इसके जवाब में सरकार ने लिखित रूप से बताया कि उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। गोपाल इटालिया ने इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि बोटाद मार्केटिंग यार्ड में हुए “कडदा” मुद्दे पर आंदोलन, एफआईआर, लाठीचार्ज, वायरल वीडियो और सार्वजनिक सभाएं हो चुकी हैं।
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कृषि विभाग द्वारा भी परिपत्र जारी किया गया था कि भावफेर (कडदा) नहीं लिया जाए। इसके बावजूद सरकार ने अनभिज्ञता जताई है, जो गंभीर बात है। उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति दो संभावनाएं दर्शाती है—या तो सरकार को वास्तविकता की जानकारी नहीं है, या जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई करने की इच्छा नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर एक और प्रश्न पूछा था कि ऐसे गैरकानूनी कार्य करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि “प्रश्न उत्पन्न नहीं होता”।
विधायक गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार कोई कार्रवाई करना ही नहीं चाहती। आज दुख के साथ कहना पड़ता है कि बोटाद के मार्केटिंग यार्ड में हुए “कडदा” मामले में सरकार के पास न कोई जानकारी है, न कोई शिकायत है और न ही कोई कार्रवाई की गई है। जो किसान इस “कडदा” के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें आम आदमी पार्टी द्वारा समर्थन दिया गया था। यह मुद्दा अब गुजरात के किसानों के सामने रखा जाएगा कि यह सरकार भगवान भरोसे चल रही है, जिसे किसी भी बात की जानकारी नहीं है। इसलिए अब ऐसी सरकार से दूर रहने की आवश्यकता है।