राजु करपड़ा के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी ने कहा कि राजुभाई करपड़ा ने पांच वर्ष तक आम आदमी पार्टी में काम किया है, इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। आम आदमी पार्टी संघर्ष का मार्ग अपनाने वाली पार्टी है। हमारे साथ जुड़े अधिकांश लोग सामान्य, गरीब और मध्यम वर्ग से आते हैं। हम केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को खुलेआम चुनौती देते हैं, इसलिए आम आदमी पार्टी में कार्य करना आसान नहीं है। इसुदान गढवी ने कहा कि जब कोई नेता जनहित के मुद्दे पर आवाज उठाता है तो उसे डराने, झूठे मामलों में फंसाने और जेल भेजने की कोशिश की जाती है। पहले भी कई नेताओं को जेल में डाला गया है और उन पर दबाव बनाया गया है। राजुभाई पर भी विभिन्न मामले थे और भाजपा द्वारा उन पर दबाव डाला गया हो, इस आशंका को नकारा नहीं जा सकता। AAP नेता इसुदान गढवी ने आगे कहा कि हडदड और कडदा कांड के बाद राज्य में भारी जनमाहौल बना था। किसानों और नागरिकों पर हुए अत्याचारों के कारण सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ा था। ऐसे समय में आंदोलन को कमजोर करने के लिए नेताओं को तोड़ने की कोशिश होना स्वाभाविक है। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल हीरो बन गए थे, लेकिन भाजपा में शामिल कर भाजपा ने उनका करियर खत्म कर दिया। राजुभाई अच्छे और साहसी व्यक्ति हैं, लेकिन संभव है कि किसी मजबूरी के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ी हो।
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किसानों को संदेश देते हुए इसुदान गढवी ने कहा कि उनकी लड़ाई रुकने वाली नहीं है। किसी भी प्रकार के भय में आने की आवश्यकता नहीं है। “टाइगर अभी जिंदा है।” एक नेता के जाने से आंदोलन कमजोर नहीं होगा। आने वाले समय में नए नेताओं को आगे लाया जाएगा और भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई जारी रहेगी। आंदोलन को तोड़ना और नेताओं को अपने पक्ष में लेकर कमजोर करना भाजपा की पुरानी नीति रही है। आम आदमी पार्टी ने राजु करपड़ा और अन्य किसान नेताओं के समर्थन में राज्यभर में बड़ी सभाएं और बैठकें आयोजित की थीं। सुरेंद्रनगर में लगभग 50,000 लोगों की विशाल सभा आयोजित की गई थी, गांवों में हजारों बैठकें हुई थीं, किसान समर्थन के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था, कानूनी लड़ाई के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक वकीलों की टीम सक्रिय रखी गई थी, राजुभाई के परिवारजनों से व्यक्तिगत मुलाकात कर सहयोग दिया गया था। आज संभव है कि राजुभाई को भाजपा ने स्क्रिप्ट लिखकर दी हो। पार्टी द्वारा पूर्ण सहयोग दिया गया था और कोई कमी नहीं छोड़ी गई थी। इसुदान गढवी ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी सत्ता के लिए नहीं बल्कि किसानों, गरीबों और वंचितों के हित के लिए राजनीति करती है। यदि सरकार वास्तव में जनहित में कार्य करे तो वे राजनीति छोड़ने को भी तैयार हैं। लेकिन जब तक अन्याय, भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति जारी रहेगी, तब तक आम आदमी पार्टी संघर्ष को और मजबूत बनाएगी। ट्रेड डील के मुद्दे पर बात करते हुए इसुदान गढवी ने कहा कि ट्रम्प के सामने झुककर जो ट्रेड डील की गई है, उसके खिलाफ AAP सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन चलाएगी।
