पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात रखते हुए देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लोकतंत्र की मूल भावना को प्रभावित करने वाले कई मुद्दे सामने आ रहे हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर चिंता
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है और उसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और संविधान का पालन बेहद आवश्यक है।
जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई के उपयोग को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए चिंता का विषय है।
ਅੱਜ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਮਾਨਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਅਸੀਂ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੇ ‘ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇ ਕਤਲ’ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਤੋੜਨਾ ਅਤੇ ED-CBI ਵਰਗੀਆਂ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਦਾਗੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ‘ਵਾਸ਼ਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ’ ਵਿੱਚ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਸਾਡੇ… pic.twitter.com/9pBxuaoExl
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने पंजाब में कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करने वाले ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के निर्वाचित जनप्रतिनिधि जनता की आवाज हैं और जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।
संविधान और जनादेश की रक्षा का भरोसा
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार और वे स्वयं संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता के जनादेश की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान देश की मौजूदा राजनीतिक बहसों और केंद्र-राज्य संबंधों में चल रही चर्चाओं को दर्शाता है।
